दिल्ली के सीमापुरी में 5 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका
पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। सीमापुरी ईदगाह के पास एक पांच मंजिला जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय मकान में करीब 30 लोग मौजूद थे। मकान गिरने के बाद कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
मकान गिरने की सूचना मिलते ही दिल्ली दमकल विभाग, पुलिस, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। बचाव दल ने मलबा हटाकर अब तक 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इनमें तीन साल का एक बच्चा, मकान मालिक की पत्नी और कई किरायेदार शामिल हैं। सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया है।
दमकल विभाग के मुताबिक, मकान गिरने की सूचना दोपहर करीब 3:32 बजे मिली थी। इसके बाद दमकल की गाड़ियां तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। एनडीआरएफ की टीम भी अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही है। अधिकारियों को आशंका है कि अभी कुछ और लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मकान एक संकरी गली के अंदर बना हुआ था। मकान एल आकार का था और इसमें पिलर नहीं थे। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ वर्ष पहले मकान में चौथी और पांचवीं मंजिल का निर्माण कराया गया था। हादसे के समय इमारत में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिसके कारण राहत एवं बचाव अभियान को तेजी से चलाया जा रहा है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। मकान गिरने की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी जांच भी की जा रही है। निर्माण की स्थिति, अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण और भवन की संरचनात्मक मजबूती से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
गौरतलब है कि इससे पहले दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने से सात छात्रों की मौत हो गई थी। उस समय इमारत में रेनोवेशन का काम चल रहा था। मामले में पुलिस ने मुख्य भवन मालिक हरिराम गुप्ता समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। सीमापुरी की ताजा घटना ने दिल्ली में जर्जर और असुरक्षित इमारतों की स्थिति को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।