CJP प्रदर्शन के बीच दिल्ली में सियासी घमासान, अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी हिरासत में; 600 से ज्यादा लोग डिटेन
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर शनिवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी है।
जानकारी के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अपने आवास से निकले थे। हालांकि, प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उनके साथ आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज समेत पार्टी के अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई है। इस दौरान आप समर्थकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। सीजेपी के प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी और कुछ वामपंथी संगठनों का समर्थन बताया गया है।
इससे पहले ममता बनर्जी भी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के साथ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंची थीं। उनके मुंह पर बैंडेज लगा हुआ था। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया। इस घटनाक्रम के बाद राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं और विभिन्न दलों के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की ओर से विरोध दर्ज कराया गया।

दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय के पास भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। यहां ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और वामपंथी दलों से जुड़े कार्यकर्ता प्रदर्शन करते नजर आए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाए।
इसी बीच, नई दिल्ली इलाके में आकाशवाणी कार्यालय के पास पुलिस पर पथराव की घटना भी सामने आई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, करीब 50 प्रदर्शनकारी वहां पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, पथराव की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई ने राजधानी में राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है। एक तरफ विपक्षी दलों और संगठनों के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई कर रही है। अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी को हिरासत में लिए जाने के साथ-साथ 600 से अधिक लोगों को डिटेन किए जाने की खबर ने इस घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया है।