‘राहुल-केजरीवाल के इशारे पर अस्थिरता फैलाने की साजिश’, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर BJP का बड़ा आरोप
दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को लेकर देश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दलों से जुड़े समूह देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। शनिवार को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाए और दावा किया कि कुछ संगठन अपने राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाने में लगे हैं।
नितिन नवीन ने राहुल गांधी के नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन और अरविंद केजरीवाल के सहयोगियों से जुड़े सीजेपी संगठन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि देश में अस्थिरता पैदा करने के लिए दो समूह सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि जनता के फैसले को स्वीकार करने के बजाय कुछ राजनीतिक दल विरोध और प्रदर्शन के जरिए देश में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि इन समूहों को विदेशी ताकतों का समर्थन हासिल है। हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई प्रत्यक्ष सबूत पेश नहीं किया।
भारत की आर्थिक और विकास संबंधी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने विपक्ष पर देश की प्रगति को स्वीकार नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है और देश का लोकतंत्र इतना मजबूत है कि किसी भी तरह की अस्थिरता पैदा करने की कोशिशों का सामना कर सकता है। उनके इस बयान को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन से पहले विपक्ष के खिलाफ बीजेपी के राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है।
इस बीच, बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने भी सीजेपी संगठन को लेकर सवाल उठाए। पटना में दिए गए बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन छात्रों और युवाओं को गुमराह कर रहा है तथा कुछ राजनीतिक दल इसका इस्तेमाल अपने हित साधने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग राजनीतिक जमीन तलाशने के उद्देश्य से छात्रों को आंदोलनों से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
रामकृपाल यादव ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह सरकार को घेरने और अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए युवाओं के मुद्दों का इस्तेमाल कर रहा है। उनके मुताबिक, छात्रों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल करने के बजाय उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। हालांकि, संगठन और विपक्ष की भूमिका को लेकर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।
जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन से पहले बीजेपी नेताओं के बयानों ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। एक ओर बीजेपी विपक्षी दलों और उनसे जुड़े संगठनों की मंशा पर सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म बना हुआ है। इस पूरे मामले में नेताओं के आरोपों और दावों को तथ्यों से अलग समझना जरूरी है, क्योंकि विदेशी ताकतों के कथित हस्तक्षेप और देश में अस्थिरता फैलाने की साजिश जैसे आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र साक्ष्य सामने आना आवश्यक है।