यूपी में पूर्व अग्निवीरों को 20% आरक्षण, लिखित और फिजिकल टेस्ट से छूट; योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला
उत्तर प्रदेश में पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी पाने का रास्ता आसान करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों को प्रदेश के चार विभागों की भर्तियों में 20 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस फैसले के तहत पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, कारागार, वन और परिवहन विभाग में आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें अधिकतम आयु सीमा में छूट देने और भर्ती प्रक्रिया में कुछ चरणों से राहत देने का भी निर्णय लिया गया है।
सरकार के इस फैसले से सेना में अग्निवीर के रूप में चार साल की सेवा पूरी करने वाले युवाओं को राज्य सरकार के इन विभागों में नौकरी पाने का अवसर मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों के अनुभव और प्रशिक्षण का लाभ राज्य की सेवाओं में लेना है। अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले युवाओं की सेवा अवधि पूरी होने के बाद रोजगार को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में राज्य सरकार का यह कदम उनके लिए राहत लेकर आ सकता है।
यूपी सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह के मुताबिक, वर्ष 2022 में अग्निवीर योजना शुरू होने के बाद पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति से जुड़े नियमों में बदलाव की जरूरत महसूस की गई। इसी के तहत सरकार ने पुलिस, कारागार, वन और परिवहन विभाग की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है। आरक्षण का लाभ अभ्यर्थियों को उनकी मूल श्रेणी के अनुसार दिया जाएगा।
पूर्व अग्निवीरों को आयु सीमा में भी राहत मिलेगी। सरकार ने अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष से बढ़ाकर 28 वर्ष करने का निर्णय लिया है। इससे उन युवाओं को फायदा मिल सकेगा, जो सेना में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद इन विभागों में नौकरी के लिए आवेदन करना चाहते हैं।
भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी पूर्व अग्निवीरों को राहत देने की बात कही गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन चार विभागों की संबंधित भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट मिलेगी तथा उन्हें मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा। हालांकि, इस व्यवस्था का वास्तविक दायरा संबंधित विभागों के संशोधित भर्ती नियमों और जारी होने वाले आधिकारिक निर्देशों के अनुसार लागू होगा।
योगी सरकार के इस फैसले को पूर्व अग्निवीरों के रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन का अनुभव रखने वाले युवाओं को उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों में सेवा करने का अवसर मिल सकता है। अब भर्ती नियमों में बदलाव के बाद संबंधित विभागों की नियुक्ति प्रक्रिया और पात्रता संबंधी निर्देशों पर युवाओं की नजर रहेगी।