CJP प्रदर्शन को लेकर नोएडा में हाई अलर्ट, चिल्ला बॉर्डर पर सख्त चेकिंग से लगा लंबा जाम
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन और मार्च को देखते हुए नोएडा पुलिस शनिवार को हाई अलर्ट पर रही। दिल्ली जाने वाले वाहनों और लोगों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी गई। खास तौर पर चिल्ला बॉर्डर पर पुलिस ने सख्त चेकिंग अभियान चलाया। संदिग्ध वाहनों को रोककर जांच की गई और बसों में सफर कर रहे यात्रियों के पहचान पत्र, टिकट और यात्रा के उद्देश्य की जानकारी ली गई। सुरक्षा जांच के चलते कई बार यातायात धीमा पड़ गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रदर्शनकारियों को दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए चिल्ला बॉर्डर पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। दिल्ली और नोएडा पुलिस के जवानों के साथ बीएसएफ के कर्मियों को भी तैनात किया गया। इसके अलावा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वज्र वाहन और अन्य सुरक्षा संसाधन मौके पर मौजूद रहे। कुछ लोगों को रोककर वापस भेजा गया, जबकि अन्य यात्रियों की जांच करने के बाद उन्हें आगे जाने दिया गया।
चिल्ला बॉर्डर पर शनिवार सुबह से ही नोएडा पुलिस के 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। एडीसीपी अभय कुमार मिश्र, एसीपी मयंक तिवारी और फेज-वन थाना प्रभारी धर्मेंद्र शुक्ला समेत अन्य अधिकारियों ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारी दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखते हुए हालात पर नजर रखते रहे और वरिष्ठ अधिकारियों को हर आधे घंटे में स्थिति की जानकारी देते रहे। स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) और विशेष टीमों को भी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए दिल्ली-नोएडा पुलिस ने बॉर्डर पर 200 से अधिक लोहे के बैरिकेड और 100 से ज्यादा अस्थायी सीमेंटेड बैरिकेड लगाए। इसके अलावा 20 से अधिक टायर बस्टर यानी लोहे की कील वाले अवरोधक, आंसू गैस से संबंधित उपकरण, वज्र वाहन, एंबुलेंस, टैंकर और क्रेन भी तैयार रखे गए। आपात स्थिति में सड़क को बंद करने के लिए अस्थायी डिवाइडर और अन्य अवरोधकों की व्यवस्था की गई थी। हालांकि, इनका इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ी।
प्रदर्शन को लेकर नोएडा में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू होने की जानकारी भी जगह-जगह बैनर लगाकर दी गई। इस दौरान नोएडा सीमा में पीएसी की डेढ़ टुकड़ी भी तैनात रही। एडीसीपी नोएडा अभय कुमार मिश्र ने बताया कि जिले में धारा 163 लागू है और शहर के साथ-साथ सीमावर्ती इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।
कड़ी चेकिंग का असर यातायात पर भी दिखाई दिया। चिल्ला बॉर्डर पर वाहनों की धीमी आवाजाही के कारण राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल और डीएनडी की ओर गाड़ियों की कतारें लग गईं। सुबह और शाम के समय कई बार जाम जैसी स्थिति बनी, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। हालांकि, दोपहर के समय यातायात की स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला। पुलिस पूरे दिन सुरक्षा व्यवस्था और यातायात की स्थिति पर नजर बनाए रही, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।