बस्ती के विकास के लिए BJP नेता की अनोखी प्रतिज्ञा, 1000 करोड़ का निवेश लाने तक सिर पर रखेंगे जूते!
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में भारतीय जनता पार्टी के नेता मनीष मिश्रा इन दिनों अपनी एक अनोखी प्रतिज्ञा को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने बस्ती के विकास के लिए 500 से 1000 करोड़ रुपये तक का निवेश लाने का संकल्प लिया है। खास बात यह है कि जब तक वह अपने इस संकल्प को पूरा नहीं कर लेते, तब तक जूते नहीं पहनेंगे। उनका यह ऐलान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक युवक मनीष मिश्रा को जूतों की एक जोड़ी उपहार में देता दिखाई दे रहा है। लेकिन मनीष मिश्रा उन जूतों को पैरों में पहनने के बजाय अपने सिर पर रख लेते हैं। इसके बाद वह कहते हैं कि जब तक बस्ती जिले में 500 से 1000 करोड़ रुपये का निवेश नहीं लाएंगे, तब तक इन जूतों को नहीं पहनेंगे। उन्होंने अपनी इस प्रतिज्ञा को जिले के विकास से जोड़ते हुए इसे पूरा करने का संकल्प जताया है।
मनीष मिश्रा का कहना है कि बस्ती उनकी मातृभूमि है और इस मिट्टी के प्रति उनके मन में विशेष सम्मान है। इसी भावना के चलते वह जब भी बस्ती आते हैं, तो जूते उतारकर नंगे पांव चलते हैं। उनका दावा है कि बस्ती के विकास और यहां निवेश के नए अवसर पैदा करने के लिए वह लगातार प्रयास कर रहे हैं। जूतों को सिर पर रखने की घटना को भी उन्होंने इसी संकल्प का प्रतीक बताया है।
मनीष मिश्रा सामाजिक कार्यों के जरिए भी जिले में अपनी पहचान बनाने में जुटे हैं। वह पहल सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी के संस्थापक हैं। उनके संगठन के माध्यम से गरीबों के इलाज, जरूरतमंदों के लिए एंबुलेंस सुविधा और गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में मदद जैसे कार्य किए जाने की बात सामने आई है। इन गतिविधियों के जरिए वह सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
वहीं, उत्तर प्रदेश बीजेपी की कार्यसमिति में जगह मिलने के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता भी बढ़ी है। अब बस्ती में निवेश लाने की उनकी प्रतिज्ञा ने उन्हें एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। उनके इस बयान को जिले के विकास के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि 500 से 1000 करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य कितना सफल होगा, यह आने वाला वक्त बताएगा।
फिलहाल, मनीष मिश्रा का जूतों को सिर पर रखकर लिया गया संकल्प बस्ती की राजनीति और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि उनका यह ऐलान जिले में निवेश और औद्योगिक विकास के लिए किस तरह के ठोस प्रयासों में बदलता है।