मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम ‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला

UP सरकार ने राज्य कर्मचारियों को दी एक महीने की राहत, इतने तारीख तक जमा कर सकेंगे संपत्ति का ब्योरा

UP सरकार ने राज्य कर्मचारियों को दी एक महीने की राहत, इतने तारीख तक जमा कर सकेंगे संपत्ति का ब्योरा

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों को अपनी संपत्ति का ब्योरा जमा करने के लिए एक महीने का और समय दिया है। अब राज्य कर्मचारी दो अक्टूबर तक ब्योरा दे सकेंगे। बता दें कि आदेश दिया गया था कि संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले कर्मचारियों की अगस्त महीने की सैलरी रोक दी जायेगी. अब उन्हें एक महीने की छूट दी गई है. मुख्य सचिव ने 31 अगस्त तक हर हाल में चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर जमा करने का निर्देश दिया था. अब तक राज्य सरकार के 71 फीसदी कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का खुलासा किया है.

मुख्य सचिव ने 17 अगस्त को एक सरकारी आदेश के माध्यम से सभी कर्मचारियों को अपनी संपत्ति का खुलासा करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी विभागों को 31 अगस्त तक संपत्ति का ब्योरा देने वालों को अगस्त माह का वेतन देने का आदेश दिया. राज्य में कुल 846640 सरकारी कर्मचारी हैं. इनमें से 602075 ने इस मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का ब्योरा दिया है।

संपत्ति का ब्योरा देने में कपड़ा, सैनिक कल्याण, ऊर्जा, खेल, कृषि और महिला कल्याण विभाग के कार्मिक सबसे आगे रहे। वहीं दंड विभाग के कर्मी अपनी संपत्ति छुपाने में आगे हैं. इस मामले में बेसिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य, औद्योगिक विकास और राजस्व विभाग सबसे फिसड्डी साबित हुए।

यहां बता दें कि 17 अगस्त को जब यह आदेश जारी हुआ था तब 131748 यानी 15 फीसदी सरकारी कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति इस पोर्टल पर रजिस्टर कराई थी. 20-31 अगस्त के बीच यह बढ़कर 71 फीसदी हो गया. सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले कर्मचारियों का वेतन रोकने का आदेश पहले ही दिया जा चुका है. सभी विभागों को इसका अनुपालन सुनिश्चित करना होगा.

Share
अगला लेख → सशस्त्र बल मात्र रक्षा ढांचा नहीं, यह राष्ट्र की सुरक्षा की …

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *