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‘हारेंगे तो टालेंगे…,’ उपचुनाव की तारीखों में बदलाव पर अखिलेश यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना

‘हारेंगे तो टालेंगे…,’ उपचुनाव की तारीखों में बदलाव पर अखिलेश यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना

चुनाव आयोग ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सहित तीन राज्यों में उपचुनाव की तारीखों में परिवर्तन किया है। इस पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि यह बीजेपी की पुरानी रणनीति है। यादव ने यह भी कहा कि यदि बीजेपी तारीखों को टालने का प्रयास करती है, तो वे और अधिक बुरी तरह हारेंगे।

अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी कभी इतनी कमजोर नहीं रही। पहले अयोध्या के मिल्कीपुर उपचुनाव को टाला गया, और अब अन्य सीटों पर भी उपचुनाव की तारीखें बदल दी गई हैं। कांग्रेस, बीजेपी, बहुजन समाज पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों के आग्रह पर चुनाव आयोग ने मतदान की तारीखों में यह बदलाव किया है।

अखिलेश यादव ने अपने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए बीजेपी पर हमला बोलते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश में महा-बेरोजगारी के कारण लोग काम के लिए देशभर में जाते हैं, और दिवाली व छठ की छुट्टी लेकर उत्तर प्रदेश लौटे थे। ये लोग उपचुनाव में वोट डालने वाले थे। जैसे ही बीजेपी को इस बात का पता चला, उसने उपचुनाव की तारीखें आगे बढ़ा दीं ताकि लोग बिना वोट डाले वापस चले जाएं। यह बीजेपी की पुरानी चाल है, और अगर हारने की संभावना बढ़ी, तो तारीखें टालने का प्रयास किया जाएगा।

इस मुद्दे पर अखिलेश यादव की पत्नी और मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इससे पहले कभी चुनाव की तारीखें नहीं बदली गई थीं, और आपदा के समय बात अलग होती है। यह विचारणीय है कि ऐसा क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के सभी सदस्य बीजेपी को हटाने के लिए एकजुट हैं, और चुनाव की तारीखों में बदलाव से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी बताया कि यह विचारधारा की लड़ाई है और करहल में पिछली बार से बड़ी जीत की उम्मीद है।

चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, केरल और पंजाब की कुछ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखें बदली हैं। अब 13 नवंबर की जगह मतदान 20 नवंबर को होगा। राजनीतिक दलों का कहना है कि त्योहारों के कारण 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव में कम मतदान होने की संभावना थी।

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