मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला मेरठ में नितिन नवीन का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- यूपी को फिर बांटने की कोशिश हो रही ‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’, दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला यूपी में 2027 से पहले पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के खिलाफ लगे ‘आजम-अतीक-मुख्तार’ वाले पोस्टर 2027 से पहले बड़ा सवाल: उत्तर प्रदेश के लिए योगी मॉडल कितना जरूरी? कानून-व्यवस्था, रोजगार, महिला सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिपोर्ट

मेरठ मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग कर्मचारी हड़ताल पर, सपा विधायक ने दिया समर्थन

मेरठ मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग कर्मचारी हड़ताल पर, सपा विधायक ने दिया समर्थन

एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के अचानक हड़ताल पर जाने से चिकित्सा सेवाएं बाधित हो गईं। अस्पताल की व्यवस्था संभालने के लिए स्थायी स्टाफ और मेडिकल स्टूडेंट्स को तैनात किया गया, लेकिन कम संख्या के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका।

हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला है, इसलिए उन्होंने “वेतन नहीं तो काम नहीं” का नारा दिया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन हड़ताली कर्मचारियों को समझाने का प्रयास कर रहा है। प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि संबंधित कंपनी से कहकर अक्टूबर माह का वेतन दिलवा दिया गया है और शेष नवंबर और दिसंबर का वेतन भी जल्द ही दिया जाएगा।

इस बीच, सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान ने भी कर्मचारियों का समर्थन किया है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और कंपनी का टेंडर रद्द करने की मांग की। उनका कहना है कि जो कंपनी समय पर वेतन नहीं दे सकती, उसका अनुबंध रद्द कर देना चाहिए। अतुल प्रधान ने प्राचार्य से बात कर कर्मचारियों का लंबित वेतन तुरंत जारी करने की भी मांग की।

सूत्रों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में “जीत एचआर” और “जीत सिक्योरिटीज” नामक कंपनियों से लगभग 850 कर्मचारी संविदा पर नियुक्त हैं। इनमें नर्स, वार्ड बॉय और टेक्नीशियन शामिल हैं। इन कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें कई महीनों तक वेतन नहीं मिलता और वेतन वृद्धि का वादा भी पूरा नहीं किया गया।

गुरुवार को हड़ताली कर्मचारियों ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की। अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए कर्मचारियों ने प्रदर्शन के दौरान वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया। कर्मचारियों ने साफ किया है कि जब तक उन्हें लंबित वेतन नहीं मिलेगा, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।

Share
अगला लेख → हापुड़ : युवती ने गंगा में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया, ग…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *