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लालू यादव ने BPSC विरोध पर लाठीचार्ज पर नाराजगी जताई, विपक्षी नेताओं से की ये मांग

लालू यादव ने BPSC विरोध पर लाठीचार्ज पर नाराजगी जताई, विपक्षी नेताओं से की ये मांग

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर पटना में सैकड़ों छात्रों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने बीपीएससी कार्यालय का घेराव किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में व्यापक बहस को जन्म दिया है।

लालू यादव ने प्रदर्शनकारियों के पक्ष में आवाज उठाई राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की निंदा की और इसे गलत ठहराया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “छात्र केवल अपनी मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। यह उनकी आवाज दबाने की कोशिश है। सभी विपक्षी सांसदों और विधायकों को इस आंदोलन में छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सत्ताधारी पार्टी के सांसदों और विधायकों के घरों के बाहर विरोध प्रदर्शन करें।

पुलिस ने दी सफाई लाठीचार्ज के बाद पुलिस अधिकारियों ने अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि छात्रों को तितर-बितर करने के लिए “हल्के बल” का प्रयोग किया गया। डीएसपी अनु कुमारी ने बताया, “25 दिसंबर को प्रदर्शनकारियों ने बीपीएससी कार्यालय का घेराव किया और कानून-व्यवस्था को बाधित किया। यह प्रदर्शन बिना अनुमति के था।” उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। प्रशासन का दावा है कि कुछ कोचिंग संस्थानों और सोशल मीडिया हैंडल्स ने छात्रों को उकसाया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

कोचिंग संस्थानों पर आरोप पुलिस ने यह आरोप भी लगाया कि कुछ कोचिंग संस्थान और उनके शिक्षक छात्रों को प्रदर्शन में भाग लेने के लिए उकसा रहे थे। एक उदाहरण के तौर पर पुलिस ने बताया कि 23 दिसंबर को एक अभ्यर्थी ने गर्दनीबाग अस्पताल में तोड़फोड़ की, जो इस घटना की गंभीरता को दर्शाता है। प्रशासन ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर छात्रों को उकसाने वाले कई अकाउंट्स की पहचान की गई है, और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों की मांग प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि बीपीएससी की 70वीं परीक्षा में कई प्रकार की अनियमितताएं हुई हैं। उनका अनुरोध है कि परीक्षा को रद्द कर फिर से आयोजित किया जाए। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

पुलिस ने उकसाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। प्रशासन का कहना है कि वह स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़ी कार्रवाई करेगा। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में भी हलचल मचा दी है, जहां विपक्षी दल छात्रों के पक्ष में खुलकर सामने आए हैं। अब यह देखना होगा कि बीपीएससी और राज्य सरकार इस विवाद को कैसे सुलझाती हैं

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