मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला मेरठ में नितिन नवीन का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- यूपी को फिर बांटने की कोशिश हो रही ‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’, दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला यूपी में 2027 से पहले पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के खिलाफ लगे ‘आजम-अतीक-मुख्तार’ वाले पोस्टर 2027 से पहले बड़ा सवाल: उत्तर प्रदेश के लिए योगी मॉडल कितना जरूरी? कानून-व्यवस्था, रोजगार, महिला सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिपोर्ट

सोने के दाम में एक साल में 27% की वृद्धि हुई है, क्या 2025 में यह बढ़त जारी रहेगी ?

सोने के दाम में एक साल में 27% की वृद्धि हुई है, क्या 2025 में यह बढ़त जारी रहेगी ?

साल 2024 में सोने ने 26.6% की जबरदस्त बढ़त दर्ज की, जिससे यह और महंगा हो गया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एसएंडपी 500 ने भी 23% की ग्रोथ दिखाई। हैलोवीन के दिन, 31 अक्टूबर को, सोने ने 2,790 डॉलर प्रति औंस का सर्वकालिक उच्चतम स्तर छू लिया। हालांकि लेखन के समय यह 2,642 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। डेलीमेल की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 में सोने की कीमतों में फिर से उछाल आ सकता है। इसके पीछे कारण स्टॉक्स की बिकवाली, मुद्रास्फीति या भू-राजनीतिक संकट हो सकते हैं। बुलियनवॉल्ट के शोध निदेशक, एड्रियन ऐश ने बताया कि 2024 में सोने की कीमतों में वृद्धि विशेषज्ञों के पूर्वानुमानों से कहीं अधिक रही।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल सोने की औसत कीमत 2,386 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस रही, जो वार्षिक आधार पर 23% की बढ़त है। जबकि विश्लेषकों ने केवल 6.1% की वृद्धि की उम्मीद की थी। ऐश का कहना है कि एक संतुलित पोर्टफोलियो में सोने को शामिल करना कई लाभ प्रदान करता है। यह कीमती धातु धन का सुरक्षित भंडार है, मुद्रास्फीति के खिलाफ सुरक्षा देता है और वित्तीय व राजनीतिक अस्थिरता के समय एक सुरक्षित निवेश विकल्प बनता है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि सोना आय उत्पन्न नहीं करता और इसकी कीमतों में अस्थिरता हो सकती है।

स्थानीय विशेषज्ञों की राय

दिल्ली स्थित ऑल बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन योगेश सिंघल का कहना है कि आने वाले समय में सोने की कीमत में 10% तक गिरावट हो सकती है। हालांकि, यह काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय बाजार और भू-राजनीतिक तनाव पर निर्भर करेगा। भारत में सोने की मांग के संदर्भ में उन्होंने बताया कि इस साल मांग पिछले साल की तुलना में कम रह सकती है, क्योंकि कीमतें अधिक हैं। निवेशकों को उन्होंने सलाह दी है कि हर गिरावट के दौरान सोने में निवेश करना बेहतर रहेगा।

सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाले कारक

दुनिया के सबसे शक्तिशाली केंद्रीय बैंक, यूएस फेडरल रिजर्व, के फैसले सोने की कीमत पर बड़ा असर डालते हैं। ब्याज दरों में कटौती या उसकी संभावना निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित करती है क्योंकि इससे डॉलर कमजोर होता है और मुद्रास्फीति बढ़ती है। बीते सालों में इस बात की भी अटकलें रही हैं कि गुप्त व्यापारिक गतिविधियां सोने की कीमतों को प्रभावित कर रही हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण रूस पर लगे प्रतिबंधों ने भी असर डाला, क्योंकि रूस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उत्पादक है।

मौसमी मांग भी कीमतों को प्रभावित करती है। भारत में दिवाली और चीन में चंद्र नव वर्ष जैसे त्योहारों पर सोने की मांग बढ़ जाती है। वहीं, एक मजबूत डॉलर सोने को महंगा बना सकता है, जिससे इसकी मांग कम हो सकती है।

Share
अगला लेख → DAP पर स्पेशल सब्सिडी बढ़ाने के फैसले से किसानों को कितना हो…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *