मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
काला जादू से घट रही हाइट! 165 से 158 सेंटीमीटर हुई लंबाई, युवक ने कलेक्टर से लगाई गुहार UP International Trade Show का आगाज, अमित शाह-योगी ने दिखाई यूपी के हुनर की ग्लोबल ताकत योगी सरकार का बड़ा ग्लोबल दांव, UPITS 2026 में 85 देशों के खरीदारों से जुड़ेंगे यूपी के उद्यमी पंजाब में ED रेड पर सियासी संग्राम, सिसोदिया बोले- छापेमारी में कुछ नहीं मिलने वाला SIR विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, बोले- ‘वोट चोरी’ के बाद पाप धोने के लिए लाया गया SIR अखिलेश यादव की PDA रथयात्रा का अनोखा स्वागत, बुलडोजर से बरसाए गए फूल पंजाब में पटवारियों की हड़ताल खत्म, 1000 से ज्यादा पदों पर भर्ती को CM मान ने दिए निर्देश लखनऊ में आज से 4,526 प्लॉट का रजिस्ट्रेशन, CM योगी करेंगे नैमिष नगर-वरुण विहार का शुभारंभ यूपी चुनाव से पहले BJP का युवाओं पर फोकस, कॉलेज-यूनिवर्सिटी में चलेगा ‘सार्थक युवा संवाद’ धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा ऐलान, ‘हिंदू राष्ट्र’ संकल्प को लेकर 11 अक्टूबर से निकालेंगे रथ यात्रा

म्यूचुअल फंड के एक्सपेंस रेश्यो को जानकर निवेश करें, रिटर्न पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है

म्यूचुअल फंड के एक्सपेंस रेश्यो को जानकर निवेश करें, रिटर्न पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है

म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय अधिकांश निवेशक केवल पिछला रिटर्न देखकर निर्णय लेते हैं, लेकिन बहुत कम ही लोग फंड के एक्सपेंस रेश्यो पर ध्यान देते हैं। हालांकि, एक्सपेंस रेश्यो का आपके निवेश पर बहुत बड़ा असर पड़ता है। सरल शब्दों में कहें तो कम एक्सपेंस रेश्यो का मतलब है ज्यादा मुनाफा, जबकि ज्यादा एक्सपेंस रेश्यो से आपका रिटर्न घट सकता है। तो आइए जानते हैं, एक्सपेंस रेश्यो क्या होता है और इसका निवेशकों के लिए क्या मतलब है।

एक्सपेंस रेश्यो एक सालाना शुल्क होता है, जिसे म्यूचुअल फंड अपने निवेशकों से लेता है। यह शुल्क फंड की कुल परिसंपत्तियों (एयूएम) के प्रतिशत के रूप में निर्धारित किया जाता है और इसमें प्रबंधन, प्रशासनिक, और संचालन से जुड़े खर्च शामिल होते हैं।

रिटर्न पर प्रभाव:
एक्सपेंस रेश्यो आपके निवेश से मिलने वाले रिटर्न को प्रभावित करता है। उच्च एक्सपेंस रेश्यो से शुद्ध रिटर्न कम हो जाता है, क्योंकि फंड की कमाई का एक हिस्सा इसकी लागतों में चला जाता है। समय के साथ, भले ही यह अंतर छोटा लगे, यह आपके निवेश की बढ़त पर बड़ा असर डाल सकता है।

फंड चुनते वक्त ध्यान रखें:
जब आप म्यूचुअल फंड का चुनाव करते हैं, तो समान फंड्स के एक्सपेंस रेश्यो की तुलना जरूर करें। कम एक्सपेंस रेश्यो वाले फंड्स को प्राथमिकता दी जाती है, क्योंकि इससे फंड के रिटर्न का बड़ा हिस्सा आपके पास रहता है। हालांकि, यह भी ध्यान रखें कि कम खर्च वाली स्कीम चुनते वक्त फंड के प्रबंधन की गुणवत्ता और सेवाओं से समझौता न हो। फाइनेंशियल प्लानर्स का मानना है कि अधिक रिटर्न पाने के लिए एक्सपेंस रेश्यो पर ध्यान देना जरूरी है। हमेशा फंड के प्रदर्शन और रणनीति के हिसाब से एक्सपेंस रेश्यो की तुलना करें। एक संतुलित दृष्टिकोण से आपका निवेश आपकी वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करेगा और अनावश्यक खर्चों से बचाएगा।

Share
अगला लेख → डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट से महंगाई में हो सकता है इज़…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *