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लेखपाल संघ का बड़ा फैसला, सरकार को अल्टीमेटम देकर कार्य ठप करने की चेतावनी

लेखपाल संघ का बड़ा फैसला, सरकार को अल्टीमेटम देकर कार्य ठप करने की चेतावनी

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर शनिवार, 4 जनवरी 2025 को कैसरगंज तहसील परिसर में लेखपालों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लेखपाल शामिल हुए। उनका आरोप है कि भ्रष्टाचार विरोधी टीम (एंटी करप्शन टीम) लेखपालों को झूठे मामलों में फंसाकर उनकी छवि खराब करने और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की साजिश कर रही है।

संघ के अध्यक्ष ने धरना स्थल पर कहा, “हमारे ऊपर 5 से 6 गांवों का कार्यभार है। इसके अलावा, किसान रजिस्ट्रेशन, आईजीआरएस पोर्टल की शिकायतों का समाधान, तहसील दिवस की समस्याओं का निपटारा, और विभिन्न सरकारी योजनाओं को समय पर पूरा करने का दबाव भी है। इन सबके बावजूद, भ्रष्टाचार विरोधी टीम हमारे साथ अनुचित व्यवहार करते हुए हमें फर्जी मामलों में फंसा रही है।”

उन्होंने सरकार से मांग की कि एंटी करप्शन टीम की मनमानी को तत्काल रोका जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो संघ बड़े स्तर पर आंदोलन और कार्य बहिष्कार का निर्णय लेगा।

धरने के दौरान संघ के अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि लेखपाल अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा, “इस तरह के उत्पीड़न से न केवल हमारे मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि संघ की छवि को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।”

लेखपाल संघ ने मांग की कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करे और भ्रष्टाचार विरोधी टीम के कार्यों की निष्पक्ष जांच कराए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

धरने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और लेखपालों की शिकायतों को उच्च स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि एंटी करप्शन टीम की कार्यप्रणाली की जांच की जाएगी। इस धरने में संघ के अध्यक्ष, महासचिव और कई वरिष्ठ लेखपाल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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