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खुदरा महंगाई में गिरावट, फरवरी में घटकर 3.61% पर पहुंची, जानिए पूरी जानकारी

खुदरा महंगाई में गिरावट, फरवरी में घटकर 3.61% पर पहुंची, जानिए पूरी जानकारी

देश में आम जनता को खुदरा महंगाई के मामले में कुछ राहत मिली है। सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 3.61 प्रतिशत पर आ गई है, जो 4 प्रतिशत के स्तर से नीचे है। महंगाई दर में आई इस गिरावट का प्रमुख कारण सब्जियों और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि की गति में कमी आना है। इस गिरावट से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को आगामी महीने में ब्याज दरों में दोबारा कटौती करने का अवसर मिल सकता है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में यह तीसरी बार है जब मुद्रास्फीति दर 4 प्रतिशत से कम दर्ज की गई है। यह आंकड़ा अर्थशास्त्रियों के एमसी पोल के औसत अनुमान 3.8 प्रतिशत से भी कम है।

आंकड़ों के अनुसार, खाद्य महंगाई दर भी सितंबर 2024 के बाद पहली बार 6 प्रतिशत के नीचे आई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति जनवरी 2025 में 4.26 प्रतिशत थी, जबकि फरवरी 2024 में यह 5.09 प्रतिशत दर्ज की गई थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2025 के लिए सालाना आधार पर मुद्रास्फीति दर 3.75 प्रतिशत रही। जनवरी 2025 की तुलना में फरवरी 2025 में खाद्य मुद्रास्फीति में 222 आधार अंकों की गिरावट दर्ज की गई है।

एनएसओ के अनुसार, फरवरी 2025 में खाद्य मुद्रास्फीति मई 2023 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। संगठन ने बताया कि इस दौरान हेडलाइन मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में आई उल्लेखनीय गिरावट मुख्य रूप से सब्जियों, अंडे, मांस और मछली, दालों एवं उनके उत्पादों, तथा दूध और उससे बने उत्पादों की कीमतों में कमी के कारण हुई।

9 अप्रैल को हो सकती है दरों में कटौती

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), जिसे खुदरा मुद्रास्फीति को 4 प्रतिशत (+/- 2 प्रतिशत) के दायरे में बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है, ने महंगाई संबंधी चिंताओं को कम करने के उद्देश्य से पिछले महीने रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती की थी। अब केंद्रीय बैंक 9 अप्रैल को अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति की अगली घोषणा करने वाला है, जिसमें ब्याज दरों में और कटौती की संभावना जताई जा रही है।

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