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नागपुर में हुई हिंसा में एक घर और 62 गाड़ियां तबाह, सरकार ने मुआवजे की घोषणा की

नागपुर में हुई हिंसा में एक घर और 62 गाड़ियां तबाह, सरकार ने मुआवजे की घोषणा की

नागपुर में हुए दंगों के बाद सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए मुआवजा प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से पंचनामा रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें दंगे के दौरान हुई क्षति का विस्तृत विवरण दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल 62 वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें 36 कारें, 22 दोपहिया वाहन, 2 क्रेन और 2 तीन पहिया वाहन शामिल हैं। इसके अलावा, एक मकान को भी नुकसान पहुंचा है। नागपुर जिले के प्रभारी मंत्री और महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पंचनामा की प्रक्रिया आरंभ करने का आदेश दिया था, जिसके बाद जिलाधिकारी ने इसे लागू किया।

मुआवजे की राशि कितनी मिलेगी?

जिला प्रशासन ने प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए मुआवजा वितरण शुरू कर दिया है। जिन वाहनों को पूरी तरह क्षति पहुंची है, उनके मालिकों को ₹50,000 मुआवजा दिया जाएगा, जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त वाहनों के लिए ₹10,000 की राशि निर्धारित की गई है। हालांकि, जिन वाहन मालिकों ने पहले ही बीमा का लाभ प्राप्त कर लिया है, उन्हें मुआवजा नहीं मिलेगा। वहीं, जिन लोगों की संपत्ति को नुकसान हुआ है, उनके लिए भी पंचनामा की प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है। प्रशासनिक टीमें घर-घर जाकर नुकसान का आकलन कर रही हैं और समस्त विवरण तैयार किया जा रहा है।

कैसे भड़की नागपुर में हिंसा?

नागपुर में यह हिंसा एक अफवाह के चलते फैली, जिसमें कहा गया कि एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग उठाई गई और इस दौरान पवित्र आयत लिखी चादर को जला दिया गया। इस अफवाह के फैलते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया और दंगे भड़क उठे। पुलिस ने हिंसा के मामले में अब तक 105 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 10 किशोर भी शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, इस हिंसा में DCP स्तर के तीन अधिकारी समेत कुल 33 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। वहीं, पुलिस ने ‘माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी’ की नागपुर इकाई के प्रमुख फहीम खान समेत 6 लोगों के खिलाफ राजद्रोह और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

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