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देश के 7 बड़े शहरों में घरों की बिक्री में भारी गिरावट की संभावना, 28% घटकर इतने यूनिट हो सकते हैं

देश के 7 बड़े शहरों में घरों की बिक्री में भारी गिरावट की संभावना, 28% घटकर इतने यूनिट हो सकते हैं

रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म एनारॉक के हालिया अनुमान के अनुसार, जनवरी-मार्च 2025 की तिमाही में सात प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री में 28% की गिरावट देखी जा सकती है। इसका मुख्य कारण आवासीय संपत्तियों की बढ़ती कीमतें और वैश्विक अनिश्चितताएँ बताई जा रही हैं। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में कुल 93,280 घरों की बिक्री होने की संभावना है, जबकि पिछले वर्ष की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 1,30,170 यूनिट था।

शहरवार गिरावट के आंकड़े

  • दिल्ली-एनसीआर: 15,650 से घटकर 12,520 यूनिट (20% की कमी)
  • मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर): 42,920 से घटकर 31,610 यूनिट (26% की कमी)
  • बेंगलुरु: 17,790 से घटकर 15,000 यूनिट (16% की कमी)
  • पुणे: 22,990 से घटकर 16,100 यूनिट (30% की कमी)
  • हैदराबाद: 19,660 से घटकर 10,100 यूनिट (49% की कमी)
  • चेन्नई: 5,510 से घटकर 4,050 यूनिट (26% की कमी)
  • कोलकाता: 5,650 से घटकर 3,900 यूनिट (31% की कमी)

बाजार की मौजूदा स्थिति

एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था कुल मिलाकर मजबूत बनी हुई है, जीडीपी वृद्धि दर वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक रहने की उम्मीद है और मुद्रास्फीति भी नियंत्रण में है। हालांकि, संपत्तियों की ऊँची कीमतें और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक अस्थिरता के चलते भारतीय रियल एस्टेट बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

बाजार में संभावित सुधार

बीसीडी ग्रुप के सीएमडी अंगद बेदी का मानना है कि बिक्री में आई यह गिरावट बाजार में एक सुधारात्मक चरण का संकेत देती है। वहीं, प्रॉपर्टी फर्स्ट के सीईओ भावेश कोठारी के अनुसार, आवासीय संपत्तियों की माँग चक्रीय होती है, लेकिन संभावित खरीदारों की रुचि बनी हुई है।

इसके अलावा, रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म प्रॉपइक्विटी ने भी अनुमान जताया है कि नौ प्रमुख शहरों में जनवरी-मार्च 2025 के दौरान घरों की बिक्री सालाना आधार पर 23% घटकर लगभग 1.06 लाख यूनिट रह सकती है।

हालांकि भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है, लेकिन वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और ऊँची कीमतों के चलते 2025 की पहली तिमाही में रियल एस्टेट क्षेत्र में मंदी देखने को मिल सकती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि बाजार इस चुनौती से कैसे उबरता है।

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