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ज्योति मल्होत्रा के वीडियोज में मिली एक जैसी रणनीति, जांच एजेंसियों ने बढ़ाई सतर्कता

ज्योति मल्होत्रा के वीडियोज में मिली एक जैसी रणनीति, जांच एजेंसियों ने बढ़ाई सतर्कता

ज्योति मल्होत्रा मामले में एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह साफ होता जा रहा है कि उनकी गिरफ्तारी एक बड़े अंतरराष्ट्रीय जासूसी मॉड्यूल से जुड़ी हो सकती है, जिसमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का हाथ बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि ISI ने सोशल मीडिया पर प्रभावशाली और स्वतंत्र रूप से काम करने वाले लोगों को अपने नेटवर्क का हिस्सा बनाया था, जिनका मकसद न सिर्फ भारत की खुफिया जानकारी जुटाना था बल्कि पाकिस्तान की एक फर्जी सकारात्मक छवि को दुनिया के सामने पेश करना भी था। एनआईए, आईबी और हरियाणा पुलिस की एक संयुक्त टीम ने ज्योति से गहन पूछताछ की है, जिसमें कई अहम बातें सामने आई हैं।

सूत्रों का कहना है कि ज्योति ने शुरू में पाकिस्तानी एजेंट दानिश के साथ अपने निजी संबंधों को लेकर गलत जानकारी दी थी। इसके अलावा, उनके मोबाइल से ऐसे एप्लिकेशन भी मिले हैं जिनमें की गई बातचीत 24 घंटे में अपने आप डिलीट हो जाती है। जांच एजेंसियों ने यह भी पाया कि ज्योति ने कई संवेदनशील तस्वीरें अलग-अलग ऐप्स के ज़रिए शेयर की थीं, हालांकि इन तस्वीरों को किन लोगों को भेजा गया, यह अभी जांच का विषय है।

ज्योति के दो मोबाइल और एक लैपटॉप को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि डिलीट किए गए डेटा को रिकवर किया जा सके। जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान में उनकी गतिविधियां धार्मिक यात्राओं से कहीं अधिक गहरी और संदिग्ध थीं।

वीडियो कंटेंट में मिला संदिग्ध पैटर्न
जांच एजेंसियों ने ज्योति के वीडियो की जांच की तो पाया कि उनके वीडियो धार्मिक स्थलों पर आधारित होने का दावा करते थे, लेकिन असल में इनमें सीमा क्षेत्रों और वहां की सुरक्षा व्यवस्था को ज़्यादा फोकस किया गया था। यही पैटर्न अफगानिस्तान सीमा से जुड़े उनके ब्लॉग्स में भी मिला है।

अब जांच एजेंसियां ज्योति की विदेश यात्राओं की जांच कर रही हैं, जिनमें पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, दुबई, थाईलैंड, नेपाल और भूटान जैसे देश शामिल हैं।

पाकिस्तान में तय समय से ज्यादा रहीं ज्योति
जानकारी के अनुसार, 17 मई 2014 को ज्योति पाकिस्तान में बैसाखी उत्सव को कवर करने गई थीं, जो दस दिन में समाप्त हो गया था। लेकिन इसके बावजूद वह वहां करीब 20 दिन अतिरिक्त रहीं। इसके एक महीने बाद उन्होंने चीन की यात्रा की। जांच एजेंसियां अब इस बात की तह तक जा रही हैं कि पाकिस्तान में वह किन-किन लोगों से मिलीं, कहां-कहां गईं और क्या चीन की यात्रा वहीं तय की गई थी।

इस मामले की गहराई को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों की नजर अब ज्योति के सभी डिजिटल और व्यक्तिगत संपर्कों पर है, और यह मामला अब देश की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है।

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