मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला मेरठ में नितिन नवीन का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- यूपी को फिर बांटने की कोशिश हो रही ‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’, दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला यूपी में 2027 से पहले पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के खिलाफ लगे ‘आजम-अतीक-मुख्तार’ वाले पोस्टर 2027 से पहले बड़ा सवाल: उत्तर प्रदेश के लिए योगी मॉडल कितना जरूरी? कानून-व्यवस्था, रोजगार, महिला सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिपोर्ट

ऑपरेशन सिंदूर के बाद इन ड्रोन कंपनियों के शेयरों में 50% तक तेजी देखी गई

ऑपरेशन सिंदूर के बाद इन ड्रोन कंपनियों के शेयरों में 50% तक तेजी देखी गई

हाल ही में जेन टेक्नोलॉजीज, आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी, ड्रोनआचार्य एरियल इनोवेशन, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, पारस डिफेंस और सोलर इंडस्ट्रीज जैसी ड्रोन से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। यह तेजी खासतौर पर 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सफल लॉन्च के बाद से लगातार बनी हुई है। ड्रोन तकनीक की बढ़ती मांग ने इन कंपनियों के शेयरों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत की घरेलू रूप से विकसित रक्षा एवं ड्रोन क्षमताओं ने अपनी ताकत दिखाते हुए न सिर्फ सीमा पार के अहम एयरबेस को निशाना बनाया, बल्कि पाकिस्तान की ओर से भेजे गए ड्रोन और मिसाइलों को भी प्रभावी रूप से रोका गया।

इस वक्त भारत समेत कई सैन्य देशों द्वारा सीमा निगरानी और गुप्त सूचनाओं के संकलन के लिए ड्रोन का तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है। साल 2019 के पुलवामा हमला और उसके बाद हुए बालाकोट एयर स्ट्राइक ने ड्रोन के महत्व को और भी स्पष्ट कर दिया है। भारत-पाकिस्तान के बीच वर्तमान तनाव ने ड्रोन और काउंटर-ड्रोन तकनीकों की अहमियत को फिर से रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आने वाले वर्षों में ड्रोन की मांग में लगातार इजाफा देखेगा। मानवरहित हवाई वाहन (UAV), स्वायत्त ज़मीनी वाहन और पानी के नीचे के मानवरहित वाहन (UUV) की मांग लागत कम होने और मानव जीवन के जोखिम कम होने के कारण तेजी से बढ़ रही है।

घरेलू निर्माण को मिली ताकत
भारत सरकार ने अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए घरेलू निर्माण को प्रोत्साहित किया है, जिससे देश के स्थानीय खिलाड़ियों के साथ-साथ विदेशी निवेशकों के लिए भी नए अवसर खुले हैं। इससे भारत रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र बनता जा रहा है। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और रक्षा बजट में संभावित बढ़ोतरी के चलते ड्रोन तकनीक में निवेशक विशेष रुचि दिखा रहे हैं। यही वजह है कि ड्रोन से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में दो सप्ताह से भी कम समय में लगभग 50% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

7 मई के बाद ड्रोन शेयरों में जबरदस्त उछाल
7 मई के बाद ड्रोन कंपनियों के शेयरों में आई तेजी के बीच आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी का शेयर ₹362 से बढ़कर ₹546 तक पहुंच गया, यानी लगभग 50% की बढ़ोतरी। ड्रोनआचार्य एरियल इनोवेशन के शेयर भी 7 मई के बाद 41% ऊपर गए हैं, जो कंपनी के लिए बड़ी राहत साबित हुई है क्योंकि जनवरी से अप्रैल के बीच यह शेयर करीब 46% गिर चुका था। जेन टेक्नोलॉजीज के शेयर ने भी शानदार प्रदर्शन किया है, जो ₹1,361 से बढ़कर ₹1,865 तक पहुंच गया, यानी 37% की बढ़ोतरी। पारस डिफेंस के शेयर भी इस दौरान 16% ऊपर गए हैं। इसके अलावा सोलर इंडस्ट्रीज और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स के शेयरों में भी 7 मई से 10% तक की तेजी देखी गई है।

Share
अगला लेख → बरेली में अफीम के साथ युवक गिरफ्तार, भागने के लिए ई-रिक्शा क…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *