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क्या बुखार चढ़ते ही दवा लेना सही है? डॉक्टर्स से जानें सही तरीका और समय

क्या बुखार चढ़ते ही दवा लेना सही है? डॉक्टर्स से जानें सही तरीका और समय

अक्सर लोग बुखार चढ़ते ही दवा का सहारा लेते हैं ताकि जल्दी आराम मिल सके, लेकिन क्या यह सही तरीका है? डॉक्टरों के अनुसार, हर बार बुखार आते ही तुरंत दवा लेना ज़रूरी नहीं होता। हल्के बुखार में शरीर खुद संक्रमण से लड़ने के लिए तापमान बढ़ाता है, इसलिए आराम और पर्याप्त पानी पीना सबसे बेहतर होता है।

यदि बुखार 100°F (लगभग 38°C) से अधिक हो और साथ में कमजोरी, ठंड लगना या अन्य गंभीर लक्षण हों, तब पैरासिटामोल या डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवा लेनी चाहिए। डॉक्टरों की सलाह है कि दवा लेने से पहले बुखार का स्तर और लक्षण समझना जरूरी है।

डॉक्टर एम. के. सिंह के मुताबिक,
“हल्के बुखार में तुरंत दवा लेना ठीक नहीं, लेकिन अगर बुखार बढ़े या बने रहे तो दवा का सेवन जरूरी हो जाता है।”

सिरदर्द या शरीर में दर्द होने पर भी बिना जरूरत के बार-बार पेनकिलर नहीं लेना चाहिए। दवाओं का सेवन करते समय डॉक्टर की सलाह लेना और सही मात्रा में लेना आवश्यक है, क्योंकि अत्यधिक दवा से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बुखार की दवाइयों में सबसे सुरक्षित विकल्प पैरासिटामोल होता है, जो दिन में दो-तीन बार खाना खाने के बाद ली जा सकती है। एंटीबायोटिक्स केवल तभी लें जब डॉक्टर ने खास बैक्टीरियल इन्फेक्शन की पुष्टि की हो, क्योंकि अनियंत्रित सेवन से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है।

अगर तीन-चार दिन तक बुखार नहीं उतरता या बढ़ता रहता है, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

इसलिए बुखार में दवा लेने का सही समय और तरीका समझना आवश्यक है, ताकि जल्द सेहतमंद हुए और दवाइयों के दुष्प्रभाव से बचा जा सके।

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