मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

3 अगस्त से पंजाब विधानसभा का आखिरी सत्र, कई अध्यादेश लाएगी भगवंत मान सरकार

3 अगस्त से पंजाब विधानसभा का आखिरी सत्र, कई अध्यादेश लाएगी भगवंत मान सरकार

पंजाब की भगवंत मान सरकार 3 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा के आखिरी सत्र में कई अहम अध्यादेश और विधेयक पेश करने की तैयारी में है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले होने वाला यह सत्र राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का फोकस लंबित नीतिगत फैसलों को कानूनी मंजूरी दिलाने और विभिन्न विभागों से जुड़े अहम प्रस्तावों को सदन में पेश करने पर रहेगा।

सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट पहले ही विधानसभा सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी है। इस दौरान सरकार कई ऐसे अध्यादेशों को सदन में रख सकती है, जिन्हें पहले कैबिनेट स्तर पर स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही शिक्षा, प्रशासन, शहरी विकास, राजस्व और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

विपक्ष भी इस सत्र में सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रहा है। कानून-व्यवस्था, किसानों के मुद्दे, बेरोजगारी, वित्तीय स्थिति और विकास कार्यों को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब मांग सकता है। ऐसे में सदन के भीतर तीखी बहस और हंगामे के आसार भी जताए जा रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले होने वाला यह अंतिम विधानसभा सत्र सरकार के लिए अपनी उपलब्धियां गिनाने और भविष्य की योजनाओं का रोडमैप पेश करने का बड़ा अवसर होगा। वहीं विपक्ष इसे सरकार की नीतियों और वादों की समीक्षा का मंच बनाने की कोशिश करेगा। ऐसे में 3 अगस्त से शुरू होने वाला यह सत्र पंजाब की राजनीति की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में से एक माना जा रहा है।

Share This
अगला लेख → पंजाब के बरनाला में प्रदर्शन हिंसक, पुलिस लाठीचार्ज में महिल…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
28°C
Patchy rain nearby
💧 70% 💨 4 km/h
Dehradun