रील के मोह से शॉर्टकट के खतरे तक, PM मोदी ने Gen-Z को दिया बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं और Gen-Z को सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच शॉर्टकट की मानसिकता से बचने और मेहनत के रास्ते पर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में रील्स और ऑनलाइन कंटेंट युवाओं के जीवन का हिस्सा बन गए हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर दिखने वाली चमक-दमक को वास्तविक सफलता का पैमाना नहीं मानना चाहिए।
PM मोदी ने युवाओं को सलाह दी कि वे वायरल होने या तुरंत सफलता हासिल करने की कोशिश के बजाय अपने कौशल, ज्ञान और व्यक्तित्व को विकसित करने पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और लंबे समय तक टिकने वाली उपलब्धि के लिए निरंतर मेहनत और अनुशासन जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने इन्फ्लुएंसर्स के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए युवाओं से कंटेंट को समझदारी से देखने और हर ऑनलाइन ट्रेंड का आंख बंद करके अनुसरण नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्रेरणा का माध्यम बन सकता है, लेकिन युवाओं को अपनी दिशा और लक्ष्य खुद तय करने चाहिए।
उन्होंने युवाओं से रील की दुनिया से आगे निकलकर वास्तविक जीवन के अनुभव हासिल करने, नई चीजें सीखने और अपनी प्रतिभा को निखारने पर जोर दिया। PM मोदी का संदेश साफ था कि डिजिटल दुनिया का इस्तेमाल अवसरों के लिए किया जाए, लेकिन सफलता के लिए मेहनत, धैर्य और निरंतर प्रयास को प्राथमिकता दी जाए।
प्रधानमंत्री की यह सलाह ऐसे समय में आई है जब युवाओं के बीच शॉर्ट वीडियो, रील्स और इन्फ्लुएंसर कल्चर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। ऐसे में उनका संदेश Gen-Z को सोशल मीडिया और वास्तविक जीवन के बीच संतुलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।