मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
काला जादू से घट रही हाइट! 165 से 158 सेंटीमीटर हुई लंबाई, युवक ने कलेक्टर से लगाई गुहार UP International Trade Show का आगाज, अमित शाह-योगी ने दिखाई यूपी के हुनर की ग्लोबल ताकत योगी सरकार का बड़ा ग्लोबल दांव, UPITS 2026 में 85 देशों के खरीदारों से जुड़ेंगे यूपी के उद्यमी पंजाब में ED रेड पर सियासी संग्राम, सिसोदिया बोले- छापेमारी में कुछ नहीं मिलने वाला SIR विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, बोले- ‘वोट चोरी’ के बाद पाप धोने के लिए लाया गया SIR अखिलेश यादव की PDA रथयात्रा का अनोखा स्वागत, बुलडोजर से बरसाए गए फूल पंजाब में पटवारियों की हड़ताल खत्म, 1000 से ज्यादा पदों पर भर्ती को CM मान ने दिए निर्देश लखनऊ में आज से 4,526 प्लॉट का रजिस्ट्रेशन, CM योगी करेंगे नैमिष नगर-वरुण विहार का शुभारंभ यूपी चुनाव से पहले BJP का युवाओं पर फोकस, कॉलेज-यूनिवर्सिटी में चलेगा ‘सार्थक युवा संवाद’ धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा ऐलान, ‘हिंदू राष्ट्र’ संकल्प को लेकर 11 अक्टूबर से निकालेंगे रथ यात्रा

‘क्या यह भी राजस्थान की तस्वीर है?’ हरभजन सिंह ने AAP पर साधा निशाना

‘क्या यह भी राजस्थान की तस्वीर है?’ हरभजन सिंह ने AAP पर साधा निशाना

राजस्थान में नशे के मुद्दे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने राजस्थान की स्थिति को लेकर सवाल उठाते हुए पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने नशे की समस्या को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि इसे छिपाया नहीं जा सकता।

हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया पर राजस्थान से जुड़ी एक तस्वीर साझा करते हुए सवाल किया, ‘क्या यह भी राजस्थान की तस्वीर है?’ उनके इस पोस्ट के बाद नशे और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई।

हरभजन सिंह ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और जागरूकता की जरूरत पर जोर दिया।

उनके बयान को राजस्थान में नशे के मुद्दे पर AAP और अन्य राजनीतिक दलों के बीच जारी सियासी खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। हरभजन सिंह ने स्पष्ट किया कि नशे जैसे गंभीर मुद्दे को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच दबाया नहीं जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समस्या पर पर्दा डालने के बजाय उसकी जड़ तक पहुंचना जरूरी है। युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार और राजनीतिक दलों को मिलकर ठोस कदम उठाने चाहिए।

हरभजन सिंह के इस बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में नशे का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

Share
अगला लेख → नॉस्टेल्जिया का जलवा! 'बंटवारा 1947' से आगे निकली 'आवारापन 2…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *