अयोध्या में अखिलेश यादव का धार्मिक कार्यक्रम, हनुमानगढ़ी जाएंगे लेकिन राम मंदिर पर तस्वीर साफ नहीं
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 8 अक्टूबर को अयोध्या दौरे पर जाएंगे। उनके प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक वह पूर्व मंत्री और सपा नेता तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होंगे। करीब एक घंटे के इस दौरे के दौरान उनके हनुमानगढ़ी जाने की भी जानकारी सामने आई है, जबकि जारी कार्यक्रम में राम मंदिर दर्शन का कोई उल्लेख नहीं है।
पार्टी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार अखिलेश यादव 8 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:20 बजे लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर के जरिए अयोध्या के लिए रवाना होंगे। उनका हेलीकॉप्टर महाराजगंज थाना क्षेत्र के पुरसाए रामलीला मैदान में बनाए गए हेलीपैड पर उतरेगा। इसके बाद वह सड़क मार्ग से कृष्णापुर-खानपुर रसूलाबाद स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे।
कार्यक्रम के मुताबिक अखिलेश यादव शाम करीब 4:20 बजे पवन पांडेय के कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उनके वापसी कार्यक्रम को उनकी सुविधा के अनुसार रखा गया है।
पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक अयोध्या प्रवास के दौरान अखिलेश यादव हनुमानगढ़ी भी जाएंगे और वहां दर्शन-पूजन करेंगे। हालांकि, अभी तक जारी आधिकारिक कार्यक्रम में राम मंदिर जाने का कोई कार्यक्रम शामिल नहीं है। इसलिए फिलहाल उनके 8 अक्टूबर के दौरे में राम मंदिर दर्शन को लेकर कोई निर्धारित कार्यक्रम सामने नहीं आया है।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। पवन पांडेय अयोध्या विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के घोषित उम्मीदवार हैं। इससे पहले एक ब्राह्मण सम्मेलन में अखिलेश यादव ने पवन पांडेय के अयोध्या से चुनाव जीतने का दावा किया था।
पवन पांडेय के कृष्णापुर स्थित आवास पर 2 से 8 अक्टूबर तक श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की तैयारी है और कथा के पहले दिन कलश यात्रा भी निकाली गई थी।
अखिलेश यादव का यह अयोध्या दौरा धार्मिक कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी नजरिए से भी चर्चा में है। हालांकि, उनके जारी कार्यक्रम के आधार पर फिलहाल इतना ही स्पष्ट है कि वह भागवत कथा में शामिल होंगे और हनुमानगढ़ी जाने की जानकारी है, जबकि राम मंदिर दर्शन कार्यक्रम में शामिल नहीं है।