कांशीराम को भारत रत्न देने की मायावती ने फिर उठाई मांग, आकाश आनंद भी रहे मौजूद
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग एक बार फिर उठाई है। कांशीराम के महापरिनिर्वाण दिवस पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मायावती ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों तथा मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर उनके भतीजे और बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान आकाश आनंद मायावती के सामने नतमस्तक होकर उनका अभिवादन करते नजर आए।
शुक्रवार को लखनऊ स्थित बसपा के केंद्रीय कैंप कार्यालय, 9 माल एवेन्यू में कांशीराम के महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मायावती ने कांशीराम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। मायावती ने कांशीराम के संघर्ष, विचारों और बहुजन समाज के राजनीतिक सशक्तीकरण में उनके योगदान का उल्लेख करते हुए उनके मिशन को आगे बढ़ाने की अपील की।
मायावती ने बहुजन समाज को अपना वास्तविक परिवार बताते हुए कहा कि पार्टी और आंदोलन को परिवारवाद से दूर रखना जरूरी है। उन्होंने बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने और सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करने के लक्ष्य को दोहराया। उनके मुताबिक, बहुजन समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर राजनीतिक ताकत हासिल करने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने और कांशीराम के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।
आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ जुटने की अपील की। उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने और बहुजन समाज के बीच पार्टी की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया। उनके संदेश को आगामी चुनावों से पहले बसपा के संगठनात्मक आधार को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
इस दौरान मायावती ने देश में गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी और अशिक्षा जैसी समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने सरकारों से जनकल्याण के बुनियादी मुद्दों पर गंभीरता से काम करने और आम जनता की जरूरतों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में आकाश आनंद की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। मायावती के साथ उनकी उपस्थिति को पार्टी के नेतृत्व और संगठनात्मक गतिविधियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, कार्यक्रम का मुख्य संदेश कांशीराम के विचारों को आगे बढ़ाने, बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने और बसपा संगठन को मजबूत करने पर केंद्रित रहा।
कुल मिलाकर, कांशीराम के महापरिनिर्वाण दिवस पर मायावती ने उन्हें भारत रत्न देने की मांग दोहराने के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं को मिशन के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया। अब आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बसपा अपने संगठन को किस तरह मजबूत करती है और बहुजन समाज के बीच अपनी राजनीतिक सक्रियता कैसे बढ़ाती है, इस पर नजर रहेगी।