1. दिवाली से पहले यूपी के 2.34 करोड़ परिवारों को मुफ्त गैस सिलिंडर की सौगात! योगी कैबिनेट में होगा फैसला?
उत्तर प्रदेश में दीपावली से पहले करोड़ों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। प्रदेश के करीब 2.34 करोड़ उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एलपीजी सिलिंडर की एक रिफिल मुफ्त उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके साथ ही आयुष इंटर्न के भत्ते में बढ़ोतरी, किसानों से धान और मोटे अनाज की खरीद, शहरी परिवहन व्यवस्था में सुधार और व्यापारियों को राहत देने से जुड़े प्रस्ताव भी योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में रखे जाने की संभावना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में सुबह 11 बजे कैबिनेट की बैठक प्रस्तावित है। बैठक में 30 से अधिक प्रस्तावों पर विचार किए जाने की संभावना है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त गैस रिफिल देने के प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने की स्थिति में दीपावली से पहले बड़ी संख्या में परिवारों को रसोई के खर्च में राहत मिल सकती है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
कैबिनेट बैठक में आयुष इंटर्न के भत्ते में बढ़ोतरी से जुड़े प्रस्ताव पर भी विचार होने की संभावना है। पिछले दिनों इंटर्नशिप भत्ता बढ़ाने की मांग को लेकर आयुष इंटर्न ने प्रदर्शन किया था। ऐसे में सरकार के फैसले पर उनकी नजरें टिकी हैं। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो आयुष इंटर्न को आर्थिक राहत मिल सकती है।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भी सरकार कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार कर सकती है। इनमें औद्योगिक प्राधिकरणों में मॉडल बिल्डिंग बायलॉज लागू करना और भूमि आवंटन की प्रक्रिया को आसान बनाना शामिल है। इसके अलावा सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए नई नीति को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इन प्रस्तावों का उद्देश्य औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है।
प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए भी नई नीति पर चर्चा हो सकती है। लखनऊ समेत 18 शहरों में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल के तहत बसों के संचालन का प्रस्ताव रखा जा सकता है। इस मॉडल के जरिए शहरों में बस सेवाओं के संचालन और प्रबंधन को व्यवस्थित करने की योजना है। इसके साथ ही विकास प्राधिकरणों में लागू जोनिंग नियमों का विस्तार नगर पालिकाओं तक करने के प्रस्ताव पर भी विचार हो सकता है।
किसानों के हितों से जुड़े फैसले भी बैठक के एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। सरकार की ओर से धान खरीद नीति के साथ मक्का, बाजरा और ज्वार जैसे मोटे अनाज की खरीद से संबंधित प्रस्ताव पेश किए जाने की संभावना है। इन प्रस्तावों के तहत खरीद व्यवस्था और किसानों को मिलने वाले मूल्य से जुड़े प्रावधानों पर निर्णय लिया जा सकता है। इससे खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया को लेकर सरकार की आगे की रणनीति स्पष्ट हो सकती है।
उत्तर प्रदेश में डिजिटल तकनीक और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन तथा स्टार्टअप परचेज पॉलिसी से जुड़े प्रस्तावों पर भी मंथन होने की संभावना है। इन पहलों का उद्देश्य प्रदेश में तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करना और सरकारी खरीद व्यवस्था में स्टार्टअप की भागीदारी बढ़ाना है।
इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में काम करने वाली कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने आ सकता है। वहीं, भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर, भदोही किए जाने से संबंधित प्रस्ताव पर भी औपचारिक निर्णय लिए जाने की संभावना जताई गई है।
व्यापारियों को राहत देने के लिए राज्य कर विभाग की ब्याज माफी योजना को अंतिम रूप देने पर भी विचार हो सकता है। इस योजना के जरिए पात्र व्यापारियों को कर संबंधी बकाया मामलों में राहत देने की व्यवस्था की जा सकती है।
कुल मिलाकर, शुक्रवार को प्रस्तावित योगी कैबिनेट की बैठक में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों, आयुष इंटर्न, किसानों, व्यापारियों और शहरी परिवहन व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर निर्णय होने की उम्मीद है। हालांकि, इन सभी प्रस्तावों की वास्तविक स्थिति और लागू होने से संबंधित जानकारी कैबिनेट की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगी।