राजनाथ सिंह का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन चाहती है पार्टी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन चुनाव सुधारों के लिए नहीं, बल्कि सत्ता हासिल करने की राजनीतिक कोशिश है। राजनाथ सिंह ने दावा किया कि विपक्ष बांग्लादेश की तर्ज पर देश में हिंसा और अराजकता फैलाकर सत्ता परिवर्तन करना चाहता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करना और जनादेश पर सवाल उठाना विपक्ष की राजनीति का हिस्सा बन गया है।
लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में अपने संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर चुनाव आयोग को राजनीतिक विवाद में घसीटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल युवाओं को आगे करके आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी लड़ाई युवाओं के भविष्य या चुनाव सुधारों के लिए नहीं है। रक्षा मंत्री के मुताबिक, विपक्ष का वास्तविक उद्देश्य किसी भी तरह सत्ता हासिल करना है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने अपने राजनीतिक आचरण के कारण गांधी नाम के इस्तेमाल का नैतिक अधिकार खो दिया है।
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए आपातकाल, 1984 के सिख विरोधी दंगों और 1990 में रामभक्तों पर गोली चलाए जाने की घटनाओं को लेकर भी पार्टी को घेरा। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं के साथ कांग्रेस के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने राजनीतिक हितों के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। ये सभी आरोप रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान लगाए।
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन का सपना देखने वाले लोग युवाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के बजाय अराजकता की ओर धकेलना चाहते हैं। योगी ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनता के जनादेश से बनती है, हिंसा या अव्यवस्था से नहीं। उन्होंने विपक्षी दलों की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता ऐसे राजनीतिक प्रयासों को पहले भी खारिज कर चुकी है और उनकी साजिश सफल नहीं होगी।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के आंदोलन की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य चुनाव सुधारों को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि अराजकता के जरिए सत्ता हासिल करना है। नितिन नवीन ने विदेशी ताकतों के साथ कथित सांठगांठ के जरिए देश को अस्थिर करने की कोशिश का भी आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप भाजपा नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।
दरअसल, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने इन प्रदर्शनों को चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश बताया है। वहीं, इस पूरे विवाद के केंद्र में चुनाव सुधार, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक टकराव है। लखनऊ में भाजपा नेताओं के बयानों के बाद यह मुद्दा एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।