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महिला श्रम भागीदारी 12% से बढ़कर 36% से ज्यादा, CM योगी ने साझा किए आंकड़े

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना करते हुए अधर्म, अत्याचार और आतंक के अंत को न्यायपूर्ण समाज की स्थापना का आधार बताया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि मां कालरात्रि का स्वरूप दुष्टों और आसुरी शक्तियों के संहार के साथ भक्तों को भयमुक्त करने का प्रतीक है। उन्होंने इसी संदर्भ में प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए दावा किया कि डबल इंजन सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति ने उत्तर प्रदेश में भयमुक्त वातावरण स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय माफिया, दंगाइयों और अपराधियों के आतंक के कारण प्रदेश में भय और अराजकता का माहौल था। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इसका असर महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा तथा आत्मनिर्भर बनने के अवसरों पर भी पड़ता था। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उनकी सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त नीति अपनाकर कानून का राज स्थापित करने की दिशा में काम किया है।

मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने मिशन शक्ति, 1090 हेल्पलाइन, महिला बीट पुलिसिंग और सेफ सिटी परियोजना को महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी प्रमुख पहल बताया। योगी के अनुसार, इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य महिलाओं को घर, सड़क, शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों पर सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। उन्होंने पुलिस की त्वरित कार्रवाई को भी कानून-व्यवस्था में सुधार का महत्वपूर्ण संकेत बताया।

अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम वर्ष 2016 में लगभग 65 मिनट था, जो अब घटकर करीब पांच मिनट रह गया है। उन्होंने इसे पुलिस व्यवस्था की तत्परता और महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता से जोड़कर पेश किया। हालांकि, ये आंकड़े मुख्यमंत्री की ओर से साझा किए गए हैं।

महिला रोजगार और आर्थिक भागीदारी का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा के प्रति बढ़े भरोसे के कारण महिलाएं अब नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं। उन्होंने महिला श्रम बल भागीदारी में वृद्धि का दावा करते हुए बताया कि यह पहले लगभग 12 प्रतिशत थी, जो अब 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह बदलाव महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

योगी ने कहा कि कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही है। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) और प्रति व्यक्ति आय में हुई वृद्धि से भी जोड़ा। मुख्यमंत्री का कहना है कि महिलाओं को सुरक्षा, अवसर और आत्मनिर्भरता मिलने से प्रदेश के विकास को नई गति मिल रही है।

नवरात्र के धार्मिक संदेश को सरकार की कानून-व्यवस्था और महिला सशक्तीकरण से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने मां कालरात्रि के स्वरूप से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि भय और अन्याय से मुक्त समाज की स्थापना के लिए अपराध तथा अत्याचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। अपने संदेश के जरिए योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था, महिला कल्याण और आर्थिक विकास के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया।

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