‘असली महाभारत यूपी से होगी’, अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। दशहरे के मौके पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यालय से प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों पर ‘जो पीड़ित है, वो PDA है’ का नारा लिखा गया है। पार्टी का उद्देश्य इन प्रचार वाहनों के जरिए गांवों से लेकर शहरों तक पहुंचना और अपनी विचारधारा तथा राजनीतिक संदेश को जनता के बीच पहुंचाना है।
प्रचार अभियान की शुरुआत के दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बुराई पर अच्छाई की जीत होनी चाहिए। दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि यह त्योहार हमें बुराई के खिलाफ संघर्ष करने की सीख देता है। सपा प्रमुख ने अपने बयान में कहा, “असली महाभारत यूपी से होने जा रहा है, शुरुआत यहीं से हो।” उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक संघर्ष के संदर्भ में देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव ने भगवान श्रीराम और रामराज का उल्लेख करते हुए समाजवाद को इससे जोड़ा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने रामराज का रास्ता दिखाया था और समाजवादी पार्टी अक्सर कहती है कि समाजवाद ही रामराज है और रामराज ही समाजवाद है। उन्होंने यह भी कहा कि सच्चा सनातनी समाज में अच्छाई लाने का काम करता है, जबकि बुराई फैलाने वालों पर उन्होंने सवाल उठाए।
इस दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी की ओर से जारी किए गए अपने रावण के रूप वाले कथित AI वीडियो पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने सुबह उनका रावण के रूप में एक वीडियो जारी किया था। अखिलेश ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तकनीक का उपयोग समाज के भले के लिए होना चाहिए, न कि बुराई फैलाने के लिए। उन्होंने वीडियो बनाने को लेकर भी सवाल उठाए और बीजेपी की आलोचना की।
सपा प्रमुख ने आर्थिक मुद्दों को लेकर भी बीजेपी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने GDP, महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी के नेता GDP के सवालों का उचित जवाब नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई और बेरोजगारी को लेकर चिंता बनी हुई है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि भारत में लोग लोकतंत्र और अपने वोट की रक्षा के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के प्रचार अभियान में PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को प्रमुखता दी जा रही है। ‘जो पीड़ित है, वो PDA है’ का नारा पार्टी की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए वह वंचित और पीड़ित तबकों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती है। प्रचार वाहन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर पार्टी की नीतियों, विचारधारा और राजनीतिक संदेश को लोगों तक पहुंचाएंगे।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा का यह अभियान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रचार वाहनों की शुरुआत के साथ पार्टी ने अपने संदेश को जनता के बीच ले जाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। वहीं, अखिलेश यादव के बीजेपी पर हमले और रामराज, सनातन तथा आर्थिक मुद्दों पर दिए गए बयान से प्रदेश की राजनीति में चुनावी माहौल और गर्म होने के संकेत मिल रहे हैं।