पंजाब में नशे पर मान सरकार को घेरने की तैयारी, 21 दिनों में दूसरी बार आएंगे अमित शाह
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले नशे का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 20 अक्टूबर को पंजाब के दौरे पर पहुंचेंगे। पिछले 21 दिनों में यह उनका दूसरी बार राज्य का दौरा होगा। इस दौरान वह मानसा, संगरूर और गुरदासपुर जाएंगे और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा, गुलजार सिंह और बिक्रमजीत सिंह के परिवारों से मुलाकात करेंगे। इस दौरे के जरिए नशे की समस्या को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठने की संभावना है।
अमित शाह ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पंजाब दौरे की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि वह उन परिवारों से मिलेंगे, जिन्होंने नशीले पदार्थों के बढ़ते कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने के दौरान अपने प्रियजनों को खो दिया। शाह के मुताबिक, इन लोगों ने पंजाब में सिंथेटिक ड्रग्स की उपलब्धता और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने परिवारों के दुख का जिक्र करते हुए कहा कि उनके नुकसान की भरपाई करना आसान नहीं है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में नशे के कारोबार को रोकने में सरकार नाकाम रही है। उन्होंने दावा किया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। हालांकि, ये आरोप अमित शाह की ओर से लगाए गए हैं। संबंधित मामलों की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए गए विवरण यहां उपलब्ध नहीं हैं।
अमित शाह ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी और पंजाब की जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार नशा तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाने और पंजाब सहित पूरे देश को नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से राजनीतिक मुद्दा रही है। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले अमित शाह का नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के परिवारों से मिलने का कार्यक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरे के दौरान भाजपा नशे के मुद्दे पर राज्य सरकार की जवाबदेही को लेकर सवाल उठा सकती है। वहीं, आम आदमी पार्टी सरकार के लिए भी नशे के खिलाफ कार्रवाई और तस्करी पर नियंत्रण का मुद्दा राजनीतिक रूप से अहम रहेगा।
अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी तैयारियां तेज कर रहे हैं। मानसा, संगरूर और गुरदासपुर में परिवारों से उनकी मुलाकात के जरिए नशे के खिलाफ लड़ाई को राजनीतिक चर्चा में प्रमुखता मिलने की संभावना है।