‘अराजकता से बाज आए कांग्रेस, वरना बचा-खुचा भी गंवा देगी’, CM योगी की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है। उन्होंने कांग्रेस को अपने राजनीतिक आचरण में बदलाव लाने की नसीहत देते हुए चेतावनी दी कि यदि पार्टी ने अराजकता फैलाने का रवैया नहीं छोड़ा, तो वह अपना बचा हुआ राजनीतिक जनाधार भी खो सकती है।
सोमवार को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस को लगातार मिल रही चुनावी असफलताओं के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उनके मुताबिक, जनता के बीच अपना विश्वास खोने के बावजूद पार्टी अपनी गलतियों को स्वीकार करने के बजाय लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है। योगी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति की जगह है, लेकिन इसके नाम पर अव्यवस्था पैदा करना और आम लोगों को परेशान करना उचित नहीं है।
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने वर्ष 1985 के बाद पार्टी को दोबारा सत्ता में आने का अवसर नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि देश के दूसरे राज्यों में भी कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर हुआ है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पार्टी नेतृत्व को यह समझने की जरूरत है कि जनता बार-बार उसे क्यों नकार रही है और इसके लिए उसे अपनी नीतियों तथा राजनीतिक कार्यशैली की समीक्षा करनी चाहिए।
दिल्ली में कांग्रेस की गतिविधियों पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पार्टी पिछले कई दिनों से राजधानी में अव्यवस्था पैदा कर रही है, जिससे आम नागरिकों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विरोध के दौरान संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना और जनता को असुविधा में डालना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी ने चुनावी नतीजों को लेकर कांग्रेस के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर पार्टी अपनी सफलता का श्रेय खुद लेती है, जबकि हार मिलने पर ईवीएम और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालतों के फैसलों और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर भी कांग्रेस सवाल उठाती रही है। योगी के मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं के प्रति जिम्मेदार और मर्यादित आचरण जरूरी है।
कांग्रेस के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी को अपनी राजनीतिक असफलताओं के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने नेतृत्व की कार्यशैली पर विचार करने और जनता के बीच विश्वास बहाल करने की दिशा में कदम उठाने की जरूरत बताई। साथ ही उन्होंने कांग्रेस से जनता और युवाओं को गुमराह करने के बजाय ठोस मुद्दों पर चर्चा करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने अंत में चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस ने अपना रवैया नहीं बदला और अराजकता के जरिए राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश जारी रखी, तो उसे अपने बचे हुए जनाधार से भी हाथ धोना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए मुद्दों और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।