FY2025 में नए घरों की औसत कीमतों में 9 बड़े शहरों में 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी, जानें किस शहर ने मारी बाज़ी
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान देश के रियल एस्टेट बाजार में घरों की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है। रियल एस्टेट डेटा विश्लेषक कंपनी प्रॉपइक्विटी ने जानकारी दी है कि भारत के 9 प्रमुख शहरों में नई आवासीय परियोजनाओं की औसत भारित कीमतों में 9% की वृद्धि दर्ज की गई है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण सामग्री, श्रम और जमीन की लागत में बढ़ोतरी इस मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण रही है।
प्रॉपइक्विटी के मुताबिक, 2023-24 में जहां औसत लॉन्च कीमत 12,569 रुपये प्रति वर्ग फीट थी, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 13,197 रुपये प्रति वर्ग फीट तक पहुंच गई।
शहरवार बढ़ोतरी पर नजर डालें तो:
- कोलकाता में सबसे ज्यादा 29% की बढ़त दर्ज की गई।
- ठाणे में कीमतें 17% बढ़ीं।
- बेंगलुरु में 15% की वृद्धि देखी गई।
- पुणे में 10%, दिल्ली-एनसीआर और हैदराबाद में 5-5%, जबकि चेन्नई में 4% का इजाफा हुआ।
- इसके उलट, मुंबई और नवी मुंबई में कीमतों में क्रमशः 3% की गिरावट दर्ज की गई।
शहरों के अनुसार नई कीमतें कुछ इस प्रकार हैं:
- बेंगलुरु: 8,577 से बढ़कर 9,852 रुपये प्रति वर्ग फीट
- कोलकाता: 6,201 से बढ़कर 8,009 रुपये
- चेन्नई: 7,645 से बढ़कर 7,989 रुपये
- हैदराबाद: 7,890 से बढ़कर 8,306 रुपये
- पुणे: 9,877 से बढ़कर 10,832 रुपये
- ठाणे: 11,030 से बढ़कर 12,880 रुपये
- दिल्ली-एनसीआर: 13,396 से बढ़कर 14,020 रुपये
- नवी मुंबई: 13,286 से घटकर 12,855 रुपये
- मुंबई: 35,215 से घटकर 34,026 रुपये प्रति वर्ग फीट
विशेषज्ञों की राय:
बीसीडी ग्रुप के सीएमडी अंगद बेदी का मानना है कि टियर-1 शहरों में कीमतों की तेज बढ़ोतरी मजबूत एंड यूजर डिमांड, निवेशकों के भरोसे और निर्माण लागत में वृद्धि का परिणाम है। वहीं, प्रॉपर्टी फर्स्ट के सीईओ भावेश कोठारी के अनुसार, यह ट्रेंड बताता है कि निवेशक अब प्रीमियम लोकेशनों और गुणवत्ता वाली परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।