कुलगाम आतंकी हमले में दूसरे श्रमिक की भी मौत, मृतकों के परिजनों को ₹16-16 लाख सहायता
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में गैर-स्थानीय श्रमिकों पर हुए आतंकी हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। शुक्रवार शाम घायल हुए श्रमिक भूपेंद्र कुमार ने शनिवार तड़के श्रीनगर के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले हमले में दीपक की मौके पर ही मौत हो गई थी। दोनों श्रमिक छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे और कुलगाम के केलम क्षेत्र स्थित एक ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे थे।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर शाम आतंकियों ने ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे गैर-स्थानीय श्रमिकों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में दीपक के सीने में गोली लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं भूपेंद्र कुमार के पेट में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
घटना के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे निर्दोष लोगों पर किया गया अमानवीय हमला बताया। उन्होंने कहा कि सरकार इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है। मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से प्रत्येक मृतक के परिवार को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन की ओर से पहले ही 6-6 लाख रुपये की तत्काल राहत देने का निर्णय लिया गया है। इस प्रकार दोनों मृतकों के परिवारों को कुल 16-16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
सुरक्षा एजेंसियों ने हमले के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। हमले में शामिल आतंकियों की तलाश के लिए सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। वहीं, प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि घटना के दोषियों को जल्द कानून के दायरे में लाया जाएगा और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।