मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले, PM-किसान योजना समेत कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों, ऊर्जा, खेल और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने, प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना शुरू करने, खेलो इंडिया के लिए बड़े बजट को मंजूरी देने और ‘समुद्र मंथन’ कार्यक्रम के जरिए तेल एवं गैस उत्पादन बढ़ाने जैसे अहम निर्णय लिए। इसके साथ ही संसद में जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़े संशोधन विधेयक को भी लोकसभा से पारित कर दिया गया।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत देश के जलाशयों और अन्य जल निकायों की सतह पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग करना है। इससे नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में बढ़ोतरी होगी और हरित ऊर्जा को नई गति मिलेगी।
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का फैसला किया है। इसके लिए सरकार ने 3.15 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। योजना के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में मिलती रहेगी। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को खेती के लिए समय पर आर्थिक सहायता मिलेगी, महंगे कर्ज पर निर्भरता कम होगी और विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
देश में खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने खेलो इंडिया योजना के विस्तार को भी मंजूरी दी है। अगले पांच वर्षों के लिए इस योजना पर 29,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य खेलों का बुनियादी ढांचा मजबूत करना, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और आगामी ओलंपिक, पैरालंपिक तथा संभावित 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय तैयारी उपलब्ध कराना है।
ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने ‘समुद्र मंथन’ कार्यक्रम को भी मंजूरी दी है। लगभग 84,000 करोड़ रुपये के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone) में मौजूद तेल और प्राकृतिक गैस के भंडारों की खोज और उत्पादन को बढ़ावा देना है। सरकार का मानना है कि घरेलू स्तर पर हाइड्रोकार्बन उत्पादन बढ़ने से ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम होगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
उधर, संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक लोकसभा से ध्वनि मत से पारित हो गया। विधेयक के अनुसार यदि किसी जन्म या मृत्यु की सूचना एक वर्ष से अधिक और दो वर्ष के भीतर दी जाती है, तो उसका पंजीकरण केवल जिला मजिस्ट्रेट (DM), एसडीएम या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि इससे पंजीकरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
कैबिनेट बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक भी हुई, जिसमें पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चर्चा की गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी अप्रिय घटना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा। इन फैसलों के जरिए केंद्र सरकार ने कृषि, ऊर्जा, खेल, राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्रों में अपनी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का संकेत दिया।