मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम ‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला

राम चरण का वन मैन शो बना आकर्षण, घिसीपिटी कहानी में विलेन ने खींचा ध्यान

राम चरण का वन मैन शो बना आकर्षण, घिसीपिटी कहानी में विलेन ने खींचा ध्यान

दक्षिण भारतीय फिल्म निर्देशक शंकर अपनी फिल्मों में ऐसी दुनिया रचते हैं, जहां अंत में हमेशा अच्छाई की जीत होती है। उनकी पिछली फिल्म ‘इंडियन 2’ भले ही बॉक्स ऑफिस पर नाकाम रही हो, लेकिन इसका पहला भाग, ‘इंडियन’, आज भी उनकी सबसे चर्चित कृति मानी जाती है। अब शंकर ने आरआरआर फेम अभिनेता राम चरण के साथ ‘गेम चेंजर’ नामक एक नई फिल्म बनाई है, जिसमें उनका वही पुराना फॉर्मूला देखने को मिलता है। हालांकि कहानी प्रेडिक्टेबल है, लेकिन फिल्म बोरियत से दूर है। फिल्म का असली मोड़ तब आता है, जब दर्शक फ्लैशबैक में जाते हैं। अगर इस हिस्से को ज्यादा स्क्रीन स्पेस मिलता, तो ‘गेम चेंजर’ खास बन सकती थी। कियारा आडवाणी का किरदार पारंपरिक दक्षिण भारतीय फिल्मों की महिला लीड की तरह है—ग्लैमर, डांस, और अंत में अचानक उभरना। वहीं, एसजे सूर्या का नेगेटिव किरदार पूरी फिल्म को मजबूती देता है। सूर्या ने अपने अभिनय से नायक के लिए एक दमदार प्रतिद्वंद्वी की भूमिका निभाई है।

कहानी

फिल्म की शुरुआत मुख्यमंत्री सत्यमूर्ति (श्रीकांत) से होती है, जो अपने दो बेटों—एसजे सूर्या और जयराम—के बीच फंसे हुए हैं। एक भ्रष्ट नेता के रूप में अपनी पूरी जिंदगी जीने वाले सत्यमूर्ति का अंत समय में हृदय परिवर्तन होता है। लेकिन उनका एक बेटा इस बदलाव से असहमत है। दूसरी तरफ, राम चरण एक आईएएस अधिकारी के रूप में एंट्री करते हैं, जिसका परिचय एक बेहतरीन एक्शन सीन के जरिए होता है। पहले हाफ में फिल्म थोड़ी धीमी चलती है और राम चरण और कियारा के बीच रोमांटिक ट्रैक और गाने दिखाए जाते हैं। लेकिन जैसे ही राम नंदन (राम चरण) और मंत्री मोप्पीदेवी (एसजे सूर्या) आमने-सामने आते हैं, कहानी में गति आ जाती है। फिल्म का फ्लैशबैक भाग, जो इसकी आत्मा है, कहानी को नई ऊर्जा देता है।

निर्देशन

शंकर की यह फिल्म उनके विशिष्ट स्टाइल को दर्शाती है। फिल्म का मुख्य आकर्षण इसका आधे घंटे का फ्लैशबैक है, जो न केवल कहानी की गहराई को बढ़ाता है, बल्कि मुख्य किरदारों के असली रंग भी दिखाता है। अंजलि इस हिस्से में बेहतरीन काम करती हैं और दर्शकों को उनसे जुड़ने पर मजबूर कर देती हैं। हालांकि, निर्देशक ने गानों पर ज्यादा खर्च किया है, जो कई जगह गैरजरूरी लगते हैं। फिल्म के एक्शन सीन प्रभावी हैं, लेकिन कहानी कमजोर पड़ जाती है।

अभिनय

राम चरण ने राजनीतिक नेता अप्पन्ना के रूप में शानदार प्रदर्शन किया है और फिल्म को अपने कंधों पर संभाला है। उनकी स्क्रीन प्रेज़ेंस दमदार है। वहीं, एसजे सूर्या अपनी दमदार अदाकारी से दर्शकों को प्रभावित करते हैं। कियारा आडवाणी का किरदार सीमित है, लेकिन वह सहज दिखती हैं। अंजलि अपनी भूमिका में प्रभावी हैं और फिल्म के फ्लैशबैक को जीवंत बनाती हैं।

अंतिम निष्कर्ष

‘गेम चेंजर’ एक्शन, ड्रामा, रोमांस और गानों से भरपूर एक मसाला फिल्म है, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई और निष्पक्ष चुनाव के संघर्ष की कहानी कहती है। हालांकि फिल्म में कुछ नया नहीं है, लेकिन यह मनोरंजक है। लगभग 2 घंटे 44 मिनट लंबी यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है। ‘गेम चेंजर’ को 2.5 स्टार दिए जा सकते हैं। फिल्म में राम चरण, कियारा आडवाणी, एसजे सूर्या, सुनील, जयराम, श्रीकांत, समुथिरकानी और नासिर मुख्य भूमिकाओं में हैं।

Share
अगला लेख → बेटे अकाय को लेकर प्रेमानंद महाराज की शरण पहुंचे विराट कोहली…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *