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लखनऊ विश्वविद्यालय में बंट रहे मुफ्त अंक, छात्रों ने प्रोक्टर पर गंभीर आरोप लगाया

लखनऊ विश्वविद्यालय में बंट रहे मुफ्त अंक, छात्रों ने प्रोक्टर पर गंभीर आरोप लगाया

लखनऊ विश्वविद्यालय के द्वितीय परिसर में चल रही सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान एक बड़ी चूक सामने आई है। एलएलएम तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा में प्रश्न पत्र में एक ही प्रश्न को दो बार शामिल किया गया। प्रश्न संख्या 2 और 8 समान थे। छात्रों ने यह गलती इनविजिलेटर को तुरंत सूचित की, लेकिन इसके बावजूद इस समस्या को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

छात्रों का आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि यह घटना विश्वविद्यालय में पारदर्शिता की कमी को उजागर करती है। छात्रों का यह भी कहना है कि परीक्षा से पहले ही कुछ छात्रों को प्रश्न पत्र लीक किया जा रहा है, जिससे निष्पक्षता पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।

छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) ने इस मामले को लेकर कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन के पूर्व इकाई अध्यक्ष शुभम खरवार ने आरोप लगाया कि प्रोक्टर अहमद अपने बच्चे को बिना परीक्षा दिए असिस्टेंट प्रोफेसर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाता, तो एनएसयूआई बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को बाध्य होगी।

इस ज्ञापन के दौरान एनएसयूआई इकाई अध्यक्ष सुधांशु राणा, पूर्व अध्यक्ष शुभम खरवार, हर्षित और अनु सहित कई छात्र मौजूद रहे। छात्रों ने दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

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