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ग्रेटर नोएडा : पॉश सोसाइटियों में दूषित पानी की सप्लाई, ई-कोली वायरस से हजारों लोग बीमार

ग्रेटर नोएडा : पॉश सोसाइटियों में दूषित पानी की सप्लाई, ई-कोली वायरस से हजारों लोग बीमार

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई हाउसिंग सोसाइटियों में दूषित पानी की आपूर्ति के कारण सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए हैं। अरिहंत गार्डन, इको विलेज 1, हवेलियां वेलेनिसिया और पंचशील हाईनिस जैसी सोसाइटियों में प्रभावित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जल आपूर्ति की शुद्धता को लेकर संदेह बढ़ने पर संबंधित अधिकारियों ने पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे थे, जिनकी रिपोर्ट में अरिहंत गार्डन में कोलीफॉर्म और इको विलेज 1 में ई-कोली वायरस की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।

रहवासियों की परेशानी

इको विलेज 1 की निवासी रंजना ने बताया कि उनकी सोसायटी में बीते कुछ दिनों से कई लोग गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं। लोगों को उल्टी, दस्त और पेट से जुड़ी अन्य समस्याएं हो रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सोसाइटी में जल आपूर्ति करने वाले पाइप कई जगह से क्षतिग्रस्त हैं और उनकी मरम्मत का कार्य चल रहा है। पानी की आपूर्ति में हुए इस प्रकार के व्यवधान के कारण ही पानी दूषित हो गया है और लगातार लोगों की तबीयत खराब हो रही है।

प्रशासन की लापरवाही पर सवाल

सोसायटी के निवासियों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण यह गंभीर समस्या उत्पन्न हुई है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब जब सैकड़ों लोग बीमार हो चुके हैं, तब जाकर प्रशासन सक्रिय हुआ है। रहवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जीएम राजेश गौतम ने बताया कि उन्हें कई सोसाइटी से दूषित पानी की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण द्वारा पानी की आपूर्ति केवल सोसाइटी के बाहर तक की जाती है। सोसायटी के भीतर पानी की पाइपलाइन और उसकी देखरेख की जिम्मेदारी बिल्डर और सोसायटी प्रबंधन की होती है, इसलिए यह उनका आंतरिक मामला है।

स्वास्थ्य विभाग की अपील

फिलहाल सोसाइटी निवासियों द्वारा कराई गई जांच रिपोर्ट में पानी की अशुद्धता साबित हुई है। प्राधिकरण ने भी अब अपने स्तर पर सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। इसके साथ ही बिल्डर को नोटिस जारी किया गया है, और जांच रिपोर्ट आने के बाद उसके खिलाफ पेनल्टी समेत उचित कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित सोसाइटियों में कैंप लगाकर लोगों की जांच की और उन्हें पानी उबालकर पीने की सलाह दी है। अब सभी की नजर इस पर टिकी है कि प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए कब तक ठोस कदम उठाता है और लोगों को इस संकट से कब तक राहत मिलती है

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