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उत्तर प्रदेश में ATS का बड़ा ऑपरेशन, आजमगढ़ और बलिया में कई जगहों पर छापेमारी

उत्तर प्रदेश में ATS का बड़ा ऑपरेशन, आजमगढ़ और बलिया में कई जगहों पर छापेमारी

उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए काम करने वाले संदिग्धों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आजमगढ़, बलिया और अन्य जिलों में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है।

भारतीय सेना की गोपनीय जानकारी लीक करने का शक

सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए संदिग्धों पर भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बलों के अधिकारियों को हनी ट्रैप में फंसाने और गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स (PIO) तक पहुंचाने का आरोप है। खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कुछ लोग पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के इशारे पर काम कर रहे हैं। इस जानकारी के आधार पर यूपी एटीएस ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत निगरानी शुरू की और फिर विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान कई अहम सुराग मिले

एटीएस की टीम ने आजमगढ़ और बलिया के अलावा अन्य जिलों में भी संदिग्धों के ठिकानों पर छापे मारे। इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनसे पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये लोग सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचा रहे थे।

इस ऑपरेशन में कई डिजिटल डिवाइस, संदिग्ध दस्तावेज और अन्य अहम सबूत बरामद किए गए हैं, जिनमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। फॉरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किन-किन लोगों से संपर्क किया जा रहा था और कौन-कौन इस नेटवर्क का हिस्सा था। इसके अलावा, संदिग्धों के बैंक खातों और फंडिंग के स्रोतों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।

देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा

यूपी एटीएस के सूत्रों का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के नेटवर्क को ध्वस्त करना है। भारत की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक करना देश की संप्रभुता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। ऐसे में यूपी एटीएस पूरी सतर्कता के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दे रही है और संदिग्धों से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है।

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