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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में तीन और आरोपितों को फिलहाल अदालत से राहत नहीं मिली है। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम रजत वर्मा की अदालत ने जेल में निरुद्ध अनुकल्प मिश्र, करुणेश पांडेय और लवकुश मिश्र की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। तीनों आरोपित पिछले करीब तीन महीने से जेल में निरुद्ध हैं।

इससे पहले इसी मामले में सोमवार को अदालत ने अविनाश शुक्ल, रमाशंकर मिश्र और मनीष यादव की जमानत अर्जियां भी निरस्त कर दी थीं। लगातार जमानत अर्जियां खारिज होने के बाद मामले में आरोपितों के लिए फिलहाल स्थानीय अदालत से राहत का रास्ता मुश्किल होता दिखाई दे रहा है।

अब मामले में जेल में निरुद्ध दो अन्य आरोपित रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाषचंद्र श्रीवास्तव की जमानत अर्जी पर बुधवार को इसी न्यायालय में सुनवाई होनी है। टिन्नू यादव की जमानत पर होने वाली सुनवाई पर भी मामले से जुड़े लोगों की नजर है।

वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता मनोज कुमार गौड़ के मुताबिक, स्थानीय अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद आरोपितों के पास उच्च न्यायालय जाने का विकल्प रहता है। हालांकि, यदि आरोपपत्र में धाराओं में बदलाव होता है तो आरोपित बदली हुई परिस्थितियों को आधार बनाकर स्थानीय न्यायालय में दोबारा जमानत अर्जी दाखिल कर सकते हैं। वहां से राहत नहीं मिलने पर उच्च न्यायालय का रुख किया जा सकता है।

इस मामले में पुलिस के लिए बुधवार की समयसीमा भी महत्वपूर्ण है। यदि निर्धारित अवधि तक पुलिस आरोपपत्र दाखिल नहीं करती है तो आरोपितों को कानून के तहत डिफॉल्ट बेल का अधिकार मिल सकता है। इसी वजह से आरोपपत्र दाखिल होने या न होने पर भी सबकी नजर बनी हुई है।

पुलिस ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि मामले में कितने लोगों के खिलाफ आरोपपत्र तैयार किया गया है। अब तक सामने आए आठ आरोपितों के अलावा दो अन्य नामों को आरोपपत्र में शामिल किए जाने की चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की ओर से आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बाद ही इस संबंध में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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