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तपती गर्मी और अस्थमा का खतरा: बाबा रामदेव से जानें राहत पाने के योग और घरेलू नुस्खे

तपती गर्मी और अस्थमा का खतरा: बाबा रामदेव से जानें राहत पाने के योग और घरेलू नुस्खे

गर्मियों में जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, वैसे-वैसे हवा में मौजूद गर्माहट और प्रदूषण हमारे फेफड़ों पर सीधा असर डालते हैं। तेज़ गर्म हवाएं रेस्पिरेट्री ट्रैक (श्वसन मार्ग) में सूजन और इन्फेक्शन का कारण बनती हैं। ऊपर से धूल, पोलन, और एलर्जी फैलाने वाले तत्व हालात को और बिगाड़ देते हैं, जिससे सांस फूलना, खांसी, और छाती में घरघराहट जैसी दिक्कतें आम हो जाती हैं।

अस्थमा और COPD (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़) के मरीजों के लिए यह मौसम किसी चुनौती से कम नहीं। एक स्टडी के मुताबिक, दुनियाभर में लगभग 70% अस्थमा मरीजों को अपनी बीमारी का पता ही नहीं होता, और इसी लापरवाही के कारण भारत में हर साल करीब 2 लाख लोग अस्थमा से जान गंवा देते हैं। दुनिया में अस्थमा से होने वाली कुल मौतों में आधी से अधिक मौतें भारत में होती हैं।

 बदलते मौसम में क्यों बढ़ती है सांस की तकलीफ?

  • तापमान में अचानक गिरावट या बढ़ोतरी
  • प्रदूषित हवा, धूल और एलर्जी फैलाने वाले कण
  • तनाव और हॉर्मोनल असंतुलन
  • नींद की कमी और असंतुलित जीवनशैली

 अस्थमा के सामान्य लक्षण

  • लगातार खांसी आना (खासकर रात में या सुबह-सुबह)
  • लंबे समय तक खांसी का बने रहना
  • सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना
  • सीने में भारीपन या जकड़न
  • थोड़ा चलने पर ही सांस फूलना

सांसों पर नियंत्रण के लिए अपनाएं ये उपाय

  1. गुनगुना पानी पिएं: गले और फेफड़ों में राहत मिलती है।
  2. भरपूर नींद लें: शरीर को ठीक होने का मौका मिलता है।
  3. गिलोय का काढ़ा: इम्यूनिटी बढ़ाता है और सूजन कम करता है।
  4. तुलसी के पत्ते: सांस संबंधी समस्याओं में राहत देते हैं।
  5. अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें: फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और सांसों पर नियंत्रण मिलता है।
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