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UPI पर चार्ज लगाने की खबरों पर केंद्र सरकार ने तोड़ी चुप्पी, 3000 रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर नहीं लगेगा कोई शुल्क

UPI पर चार्ज लगाने की खबरों पर केंद्र सरकार ने तोड़ी चुप्पी, 3000 रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर नहीं लगेगा कोई शुल्क

बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में यह अफवाह तेजी से फैल रही थी कि 3000 रुपये से अधिक के UPI ट्रांजेक्शन पर सरकार चार्ज लगाने वाली है। कहा जा रहा था कि सरकार मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की योजना बना रही है। लेकिन अब वित्त मंत्रालय ने इन सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए स्थिति साफ कर दी है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि “UPI लेनदेन पर किसी तरह का चार्ज लगाने की कोई योजना नहीं है। इस तरह की खबरें पूरी तरह से भ्रामक, झूठी और तथ्यहीन हैं।” मंत्रालय ने आगे कहा कि ऐसी अफवाहें नागरिकों में अनावश्यक भ्रम और डर पैदा करती हैं। दरअसल, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने सरकार को सुझाव दिया है कि बड़े व्यापारियों (जिनका टर्नओवर अधिक है) पर 0.3% MDR शुल्क लगाया जाए। इसके बाद यह अफवाह उड़ी कि 3000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लागू किया जा सकता है। हालांकि सरकार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि सरकार UPI और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान में ‘जीरो MDR’ पॉलिसी लागू है, जो जनवरी 2020 से प्रभावी है। इसके तहत व्यापारियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। बता दें कि भारत आज डिजिटल लेन-देन के मामले में दुनिया के सबसे अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है, और इसकी बड़ी वजह UPI की सहजता, भरोसेमंद सिस्टम और मुफ्त सेवा रही है। सरकार का फोकस अब भी डिजिटल इंडिया को आगे बढ़ाने पर है, न कि इसके रास्ते में बाधाएं खड़ी करने पर। 3000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। सरकार ऐसी किसी भी योजना पर काम नहीं कर रही है। नागरिकों को सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से सतर्क रहने की जरूरत है और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करना चाहिए।

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