मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
पंजाब में पटवारियों की हड़ताल खत्म, 1000 से ज्यादा पदों पर भर्ती को CM मान ने दिए निर्देश लखनऊ में आज से 4,526 प्लॉट का रजिस्ट्रेशन, CM योगी करेंगे नैमिष नगर-वरुण विहार का शुभारंभ यूपी चुनाव से पहले BJP का युवाओं पर फोकस, कॉलेज-यूनिवर्सिटी में चलेगा ‘सार्थक युवा संवाद’ धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा ऐलान, ‘हिंदू राष्ट्र’ संकल्प को लेकर 11 अक्टूबर से निकालेंगे रथ यात्रा यूपी चुनाव 2027 में JDU की एंट्री तेज, वाराणसी से निशांत कुमार करेंगे सियासी लॉन्चिंग यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड: FIR में बड़ा खुलासा, यात्रियों के मुताबिक बीड़ी पी रहे थे ड्राइवर-कंडक्टर गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम

AI-171 विमान हादसा: मिला ब्लैक बॉक्स, अब सामने आएंगे हादसे के राज

AI-171 विमान हादसा: मिला ब्लैक बॉक्स, अब सामने आएंगे हादसे के राज

गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को हुए भीषण विमान हादसे में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें 265 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस त्रासदी के बाद देशभर में शोक की लहर है और सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर ये हादसा कैसे हुआ? अब इस सवाल का जवाब मिलने की उम्मीद जगी है, क्योंकि दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। ब्लैक बॉक्स की बरामदगी के साथ ही विमान दुर्घटना के रहस्यों से पर्दा उठने की संभावना बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसे डिकोडिंग के लिए एक अंतरराष्ट्रीय, निष्पक्ष लैब में भेजा जाएगा। वहां से मिले तकनीकी विश्लेषण के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि प्लेन में टेकऑफ के बाद दो मिनट के भीतर ऐसा क्या हुआ जिससे विमान रिहायशी इलाके में गिर पड़ा। हर विमान में ब्लैक बॉक्स अनिवार्य रूप से लगाया जाता है। यह न केवल तकनीकी डिवाइस है, बल्कि किसी भी विमान दुर्घटना के कारणों की तह तक पहुंचने का एकमात्र जरिया भी है। हालांकि इसे ‘ब्लैक बॉक्स’ कहा जाता है, लेकिन इसका रंग नारंगी होता है ताकि मलबे में आसानी से खोजा जा सके। ब्लैक बॉक्स दो हिस्सों से मिलकर बना होता है—कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR)। CVR विमान में उड़ान के दौरान पायलट्स के बीच हुई बातचीत और कॉकपिट की आवाजों को रिकॉर्ड करता है, जबकि FDR उड़ान से जुड़ा हर तकनीकी डेटा जैसे स्पीड, ऑल्टीट्यूड, इंजन की स्थिति आदि को दर्ज करता है।अब जब ब्लैक बॉक्स मिल चुका है, तो इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि पायलट ने आखिरी समय में क्या निर्णय लिए, क्या कंट्रोल सिस्टम में गड़बड़ी हुई थी, या फिर कोई तकनीकी फेल्योर हुआ था। इन सभी सवालों का जवाब डिकोडिंग रिपोर्ट में मिलने की संभावना है।
जैसे ही विदेशी लैब में ब्लैक बॉक्स की जांच पूरी होगी, संबंधित एजेंसियां विस्तृत रिपोर्ट के जरिए हादसे की असली वजहों को सामने लाएंगी। तब जाकर 265 मासूम जिंदगियों के पीछे छुपे इस भीषण हादसे के सच से परदा उठेगा।

Share
अगला लेख → ईरान का इजरायल पर बड़ा पलटवार: सैकड़ों मिसाइलों से तेल अवीव-…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *