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हिमाचल में बारिश ने मचाया कहर, कई इमारतें ढहीं, अब तक 23 लोगों की मौत

हिमाचल में बारिश ने मचाया कहर, कई इमारतें ढहीं, अब तक 23 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई, जिसके कारण कई इमारतें ढह गईं, भूस्खलन हुए और सड़कें अवरुद्ध हो गईं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं के कारण मंडी जिले में 129 और सिरमौर में 92 सहित कुल 259 सड़कें बंद हो गईं। इसके अलावा, 614 बिजली ट्रांसफार्मर और 130 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हुईं।

20 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से अब तक बारिश से संबंधित घटनाओं में 23 लोगों की मौत हो चुकी है। इस साल जून में 135 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 101 मिलीमीटर से कहीं अधिक है। यह 1901 के बाद जून में 21वीं बार सबसे अधिक बारिश है। 1971 में राज्य में सबसे ज्यादा 252.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।

शिमला के भट्टाकुफर में एक पांच मंजिला इमारत ढह गई। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने मानसून तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक में पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मौसम सलाह का पालन करने और नदियों-झरनों के पास न जाने की अपील की। उन्होंने सभी उपसंभागीय मजिस्ट्रेटों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। शिमला के उपनगरीय क्षेत्र भट्टाकुफर में सोमवार सुबह एक पांच मंजिला इमारत ढह गई, जो चमियाना सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रास्ते पर माथू कॉलोनी में थी। सौभाग्य से, जिला प्रशासन ने खतरे को भांपकर पहले ही इमारत खाली करवा ली थी, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ।

इमारत की मालकिन रंजना वर्मा ने बताया कि शनिवार की बारिश के बाद जमीन खिसकने लगी थी, जिसके कारण रविवार रात को इमारत खाली कर दी गई थी। सोमवार सुबह 8:15 बजे इमारत ढह गई। उन्होंने बताया कि पास में बन रही चार लेन वाली सड़क के निर्माण कार्य ने इमारत को कमजोर किया था, लेकिन इसके लिए कोई सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गए। चमियाना ग्राम पंचायत के उपप्रधान यशपाल वर्मा ने कहा कि पिछले साल इमारत में दरारें दिखाई दी थीं। कैथलीघाट-ढली चार लेन सड़क का निर्माण कर रही कंपनी ने भवन को सुरक्षित बताया था, लेकिन पंचायत की चेतावनी के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा, जिससे इमारत ढह

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