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कानपुर देहात: मंत्री प्रतिभा शुक्ला का अकबरपुर थाने में धरना, SHO निलंबित, BJP कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमे का आरोप

कानपुर देहात: मंत्री प्रतिभा शुक्ला का अकबरपुर थाने में धरना, SHO निलंबित, BJP कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमे का आरोप

कानपुर देहात के अकबरपुर थाने में उत्तर प्रदेश सरकार में महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ताओं पर झूठा मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाते हुए धरना दिया। उन्होंने थाना प्रभारी सतीश सिंह पर दलित अधिनियम के तहत मनगढ़ंत मामला दर्ज करने का आरोप लगाया और इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया। इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा दिया, बल्कि BJP के भीतर चल रहे असंतोष को भी उजागर कर दिया।

लगभग पांच घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस अधीक्षक अरविंद मिश्रा ने स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी को हटा दिया और थाना प्रभारी सतीश सिंह के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी। जिलाधिकारी आलोक सिंह ने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक राजेश पांडेय को मामले की विस्तृत जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद मंत्री ने धरना समाप्त किया।

प्रतिभा शुक्ला ने कहा, “यह समाजवादी सरकार नहीं, योगी सरकार है। BJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे और मनगढ़ंत मामले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।” उन्होंने थाना प्रभारी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यह मामला किसके दबाव में दर्ज किया गया। सीओ (सिकंदरा) प्रिया सिंह के बार-बार समझाने के बावजूद वह धरने पर अडिग रहीं और पुलिस अधीक्षक को सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की।

धरने के दौरान मंत्री के पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला भी मौजूद थे। उन्होंने कथित तौर पर सरकार के एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री से फोन पर बात की और स्थिति पर नाराजगी जताई।

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर तंज कसा। उन्होंने इसे BJP के आंतरिक कलह का सबूत बताया।

जिलाधिकारी ने पुष्टि की कि पुलिस चौकी प्रभारी को हटाने और थाना प्रभारी के खिलाफ जांच शुरू होने के बाद स्थिति नियंत्रण में है। यह घटना BJP के भीतर और प्रशासनिक स्तर पर तनाव को दर्शाती है, जिसके दूरगामी राजनीतिक प्रभाव हो सकते हैं।

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