मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
SIR विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, बोले- ‘वोट चोरी’ के बाद पाप धोने के लिए लाया गया SIR अखिलेश यादव की PDA रथयात्रा का अनोखा स्वागत, बुलडोजर से बरसाए गए फूल पंजाब में पटवारियों की हड़ताल खत्म, 1000 से ज्यादा पदों पर भर्ती को CM मान ने दिए निर्देश लखनऊ में आज से 4,526 प्लॉट का रजिस्ट्रेशन, CM योगी करेंगे नैमिष नगर-वरुण विहार का शुभारंभ यूपी चुनाव से पहले BJP का युवाओं पर फोकस, कॉलेज-यूनिवर्सिटी में चलेगा ‘सार्थक युवा संवाद’ धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा ऐलान, ‘हिंदू राष्ट्र’ संकल्प को लेकर 11 अक्टूबर से निकालेंगे रथ यात्रा यूपी चुनाव 2027 में JDU की एंट्री तेज, वाराणसी से निशांत कुमार करेंगे सियासी लॉन्चिंग यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड: FIR में बड़ा खुलासा, यात्रियों के मुताबिक बीड़ी पी रहे थे ड्राइवर-कंडक्टर गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान

बार-बार जले हुए तेल में तले समोसे से बढ़ता है कैंसर का खतरा, जानिए कितना खतरनाक है यह स्ट्रीट फूड l

बार-बार जले हुए तेल में तले समोसे से बढ़ता है कैंसर का खतरा, जानिए कितना खतरनाक है यह स्ट्रीट फूड l

हम सबके पसंदीदा स्ट्रीट फूड समोसे की सच्चाई जानकर आप हैरान रह जाएंगे। ज्यादातर डब्बे या स्टॉल वाले समोसे तले हुए तेल को बार-बार छान कर पुनः इस्तेमाल करते हैं, जिससे तेल में जहरीले कंपाउंड बनने लगते हैं। यह तेल स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होता है और खासकर कैंसर जैसी बीमारियों के जोखिम को काफी बढ़ा देता है। यह समस्या सिर्फ समोसे तक सीमित नहीं है, बल्कि फास्ट फूड जैसे पकौड़ी, चिप्स आदि में भी यही स्थिति होती है.​

जब तेल को कई बार गर्म किया जाता है और बार-बार इस्तेमाल किया जाता है, तो उसमें ट्रांस फैट्स और आक्रेलामाइड जैसे विषैले तत्व बनने लगते हैं। आक्रेलामाइड एक ऐसा केमिकल है जो प्रायः स्टार्चीय खाद्य पदार्थों में जब उच्च तापमान पर पकाए जाते हैं, तब बनता है। कई शोधों के अनुसार, ये पदार्थ लंबे समय तक शरीर में जमा होकर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे कैंसर, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है।

बार-बार उपयोग किए गए तेल में तले समोसे मोटापे, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों को बढ़ावा देते हैं।

तले हुए और जले हुए तेल में मौजूद जहरीले पदार्थ धीरे-धीरे हमारे आंत, गुर्दे और लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं।

इन खाद्य पदार्थों के नियमित सेवन से शरीर में सूजन (इन्फ्लेमेशन) बढ़ती है जो कैंसर जैसे रोग को बढ़ावा देती है।

ये स्नैक्स शरीर को तुरंत फायदा नहीं देते बल्कि धीरे-धीरे स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालते हैं।

बाहर के तले-भुने खाद्य पदार्थों से बचाव करें और घर पर ताजा तेल में पकाएं।

तले हुए खाद्य पदार्थों की जगह उबला, ग्रिल्ड या बेक्ड भोजन को प्राथमिकता दें।

तेल को एक बार इस्तेमाल करें और बार-बार गर्म न करें।

संतुलित आहार ग्रहण करें जिसमें ताजी सब्जियां, फल और फाइबर शामिल हों।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सावधानी और जागरूकता से इस खतरे को कम किया जा सकता है।

भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में कई सार्वजनिक संस्थानों में तले-भुने खाद्य पदार्थों के तेल और शुगर की मात्रा को लेकर चेतावनी बोर्ड लगाने का आदेश दिया है ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े। यह कदम मोटापा, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए जरूरी बताया जा रहा है।

इसलिए समोसा और अन्य तली-भुनी चीजों का आनंद सही तरीका और सीमा में लें। खासतौर पर बार-बार जले हुए तेल वाले समोसों से सावधान रहें क्योंकि इससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। स्वस्थ जीवन के लिए ताजगी, गुणवत्ता और पोषण को प्राथमिकता दें.​

Share
अगला लेख → अगर आज YouTube चैनल बनाया जाए, तो पैसे मिलने में कितना समय ल…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *