मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

‘हाथ मिला लो बाद में रोना नहीं’ अखिलेश को ओवैसी का ऑफर

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को भाजपा को हराने के लिए गठबंधन का खुला प्रस्ताव दिया है। ओवैसी ने कहा कि अभी हाथ मिला लो, बाद में चुनाव परिणाम आने पर रोना मत। वहीं बीजेपी ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति बताते हुए “भाईजान कोलैबोरेशन” करार दिया।

‘हाथ मिला लो बाद में रोना नहीं’ अखिलेश को ओवैसी का ऑफर

मुरादाबाद, 26 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच सियासी हलचल तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव को सार्वजनिक मंच से गठबंधन का प्रस्ताव देते हुए कहा कि उनकी पार्टी भाजपा को दोबारा सत्ता में आने से रोकने के लिए साथ लड़ने को तैयार है।

मुरादाबाद में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा, “मजलिस नहीं चाहती कि उत्तर प्रदेश में भाजपा फिर सरकार बनाए। मैं हाथ मिलाने को तैयार हूं, गठबंधन करने को तैयार हूं। आज बात कर लो, चुनाव खत्म होने के बाद रोना मत। अगर आपको लगता है कि ओवैसी चुनाव लड़ता है तो आपका नुकसान होता है, तो आइए साथ मिलकर चुनाव लड़ते हैं।”

उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि अधिकार और न्याय की है। ओवैसी ने मुस्लिम नेतृत्व और राजनीतिक भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि अब बराबरी की हिस्सेदारी का समय है और समुदाय को केवल समर्थन देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

ओवैसी ने अपने बिहार के अनुभव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को भी गठबंधन का प्रस्ताव दिया था, लेकिन गठबंधन नहीं हुआ। इसके बाद AIMIM ने अकेले चुनाव लड़ते हुए सीमांचल क्षेत्र में पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी।

पिछले कुछ समय से ओवैसी पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रोहिलखंड क्षेत्र में लगातार जनसभाएं कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी पार्टी को विपक्ष द्वारा “वोट काटने वाली पार्टी” कहे जाने का जवाब देने के लिए ही उन्होंने सपा के सामने गठबंधन का खुला प्रस्ताव रखा है।

ओवैसी के बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करार देते हुए कहा कि यह “भाईजान कोलैबोरेशन” की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल वोटों के ध्रुवीकरण की राजनीति कर रहा है।

हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से ओवैसी के गठबंधन प्रस्ताव पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर है कि 2027 के चुनाव से पहले विपक्षी दलों के बीच इस प्रस्ताव को लेकर क्या रुख अपनाया जाता है।

Share This
अगला लेख → धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का श्रेय कांग्रेस को नहीं, छात्र…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
22°C
Light rain shower
💧 91% 💨 5 km/h
Dehradun