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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का श्रेय कांग्रेस को नहीं, छात्रों और आंदोलन को: रामदास आठवले

केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का श्रेय कांग्रेस को नहीं, बल्कि छात्रों और अभिजीत दीपके के नेतृत्व में हुए आंदोलन को जाता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने छात्रों की प्रमुख मांगें स्वीकार की हैं। साथ ही, यूपी विधानसभा चुनाव में आरपीआई ने एनडीए से 20-25 सीटों की दावेदारी भी पेश की।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का श्रेय कांग्रेस को नहीं, छात्रों और आंदोलन को: रामदास आठवले

लखनऊ, 26 जुलाई 2026। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री तथा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रामदास आठवले ने कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का श्रेय कांग्रेस को नहीं मिलना चाहिए। उनके अनुसार, यह फैसला छात्रों के आंदोलन और अभिजीत दीपके के नेतृत्व में हुए जनदबाव का परिणाम है।

लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान आठवले ने कहा कि युवाओं की प्रमुख मांगों को मोदी सरकार ने स्वीकार किया है और यदि आगे भी कोई उचित मांग होगी तो उस पर भी सरकार सकारात्मक विचार करेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन का वास्तविक श्रेय उन छात्रों को मिलना चाहिए जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर आठवले ने कहा कि आरपीआई एनडीए की सहयोगी पार्टी के रूप में 20 से 25 सीटों की दावेदार है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि भाजपा अपने अन्य सहयोगियों को प्रतिनिधित्व देती है तो आरपीआई को भी सम्मानजनक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उनका दावा था कि आरपीआई के साथ आने से एनडीए को बसपा से नाराज दलित मतदाताओं का अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।

आठवले ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात का समय मांगा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सीटों पर सहमति नहीं बनती है तो आरपीआई उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।

पार्टी के संगठनात्मक विस्तार की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में चार बड़े कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इनमें 13 सितंबर को मुरादाबाद, 25 सितंबर को आगरा, दीपावली से पहले आजमगढ़ और 26 नवंबर को लखनऊ के वृंदावन एक्सपो ग्राउंड में विशाल महासम्मेलन आयोजित होगा।

डॉ. आठवले ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर को कांग्रेस सरकारों के दौरान वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे अधिकारी थे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए ओबीसी आरक्षण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के आरक्षण जैसे कदमों पर काम कर रही है।

नीट पेपर लीक मामले पर उन्होंने कहा कि कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। उन्होंने मांग की कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का अधिकार है, लेकिन किसी भी आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

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