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‘संसद छोड़ सड़क पर प्रदर्शन क्यों?’— केशव मौर्य ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि संसद सत्र के दौरान मुद्दों पर चर्चा सड़क नहीं, सदन में होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन प्रधानमंत्री की सुरक्षा से समझौता करने का प्रयास था।

‘संसद छोड़ सड़क पर प्रदर्शन क्यों?’— केशव मौर्य ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

लखनऊ, 22 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस और विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना और लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताया। उन्होंने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा है, तब किसी भी मुद्दे पर चर्चा का उचित मंच संसद है, न कि सड़क।

बुधवार को मीडिया से बातचीत में केशव मौर्य ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर दिया गया धरना प्रधानमंत्री की सुरक्षा को खतरे में डालने का प्रयास था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह प्रदर्शनकारियों से मिले थे और छात्रों से जुड़े मुद्दों तथा नीट पर चर्चा कराने की सहमति भी दी गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रखना पूरी व्यवस्था का मजाक उड़ाने जैसा है।

उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल राजनीतिक माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध का अधिकार है, लेकिन संसद सत्र के दौरान सड़क पर प्रदर्शन और टकराव की राजनीति उचित नहीं मानी जा सकती।

केशव मौर्य ने कहा, “अगर विपक्ष के पास कोई मुद्दा है तो उसे संसद में उठाना चाहिए। लोकतंत्र में बहस और चर्चा का सबसे बड़ा मंच संसद है। सड़क पर प्रदर्शन कर अराजक माहौल बनाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।”

उन्होंने आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दल कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। मौर्य ने कहा कि जनता लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान चाहती है और विपक्ष को भी संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद देशभर में भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

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