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NEET में चयन न होने से आहत छात्रा ने खाया जहर, इलाज के दौरान मौत

डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रहने से छात्रा मानसिक तनाव में थी। छात्रा ने जहर खाकर दान दे दी।

NEET में चयन न होने से आहत छात्रा ने खाया जहर, इलाज के दौरान मौत

उरई/जालौन, 19 जुलाई। डॉक्टर बनने का सपना देख रही हमीरपुर जिले के राठ कस्बे की 18 वर्षीय छात्रा श्रुति साहू की जिंदगी नीट परीक्षा में सफलता न मिलने के बाद दुखद रूप से समाप्त हो गई। परीक्षा परिणाम से निराश छात्रा ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

राठ कस्बे के मोहल्ला दीवानपुरा निवासी महेंद्र साहू की पुत्री श्रुति लंबे समय से मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रही थी। उसने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत की थी। हाल ही में घोषित परिणाम में अपेक्षित अंक न मिलने और मेडिकल कॉलेज में चयन न होने के कारण वह गहरे मानसिक तनाव में चली गई थी।

परिजनों के अनुसार, परिणाम आने के बाद श्रुति पहले की तुलना में काफी शांत और गुमसुम रहने लगी थी। परिवार के सदस्य उसे लगातार समझाते रहे कि जीवन में आगे और भी अवसर मिलेंगे तथा वह दोबारा परीक्षा की तैयारी कर सकती है, लेकिन वह असफलता के सदमे से उबर नहीं सकी।

शनिवार को उसने घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल राठ के स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उरई के राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पर बड़ी संख्या में रिश्तेदार और परिचित पहुंचे। पिता महेंद्र साहू ने बताया कि उनकी बेटी का एकमात्र सपना डॉक्टर बनना था और परीक्षा परिणाम के बाद वह बेहद निराश रहने लगी थी।

पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में परीक्षा परिणाम के बाद उत्पन्न मानसिक तनाव घटना की मुख्य वजह के रूप में सामने आया है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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