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फार्मेसी परीक्षा पर विवाद के बीच CM मान का बड़ा बयान, बोले- पेपर लीक नहीं, नकल की कोशिश हुई थी

फार्मेसी परीक्षा पर विवाद के बीच CM मान का बड़ा बयान, बोले- पेपर लीक नहीं, नकल की कोशिश हुई थी

पंजाब में फार्मेसी परीक्षा को लेकर उठे कथित पेपर लीक के विवाद पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकार का पक्ष सामने रखते हुए विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में पेपर लीक जैसी कोई घटना नहीं हुई है। उनके अनुसार, परीक्षा के दौरान नकल करने की एक कोशिश जरूर सामने आई थी, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई से पूरे नेटवर्क को मौके पर ही पकड़ लिया गया।

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में अब तक एक भी सरकारी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना है, ताकि युवाओं को बिना किसी सिफारिश और रिश्वत के केवल योग्यता के आधार पर नौकरी मिल सके।

मुख्यमंत्री ने फार्मेसी परीक्षा की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद अधिकारियों को एक परीक्षार्थी की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। जांच में सामने आया कि वह कथित तौर पर ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों की मदद से परीक्षा में नकल करने का प्रयास कर रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई की और परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद कथित गिरोह के सदस्यों को हिरासत में ले लिया। सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई के कारण परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित नहीं हुई।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की विपक्ष की मांग पर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित परीक्षा शिक्षा विभाग के अंतर्गत नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि मामला पेपर लीक का नहीं, बल्कि नकल के प्रयास का था, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।

भगवंत मान ने विपक्षी दलों, विशेषकर भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर राजनीतिक लाभ के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित कर रही है और अब तक हजारों युवाओं को बिना किसी राजनीतिक दबाव या आर्थिक लेन-देन के सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए निगरानी व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है। उनका दावा है कि यदि कोई भी व्यक्ति नकल या परीक्षा में गड़बड़ी करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फार्मेसी परीक्षा को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच सरकार का कहना है कि जांच और पुलिस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था। वहीं, विपक्ष इस मामले में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग पर कायम है। ऐसे में यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

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