पंजाब चुनाव में बड़ा सियासी दांव, इंदिरा गांधी हत्याकांड के दोषी के बेटे को टिकट
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच अमृतपाल सिंह से जुड़ी पार्टी ‘वारिस पंजाब दे’ ने अपना पहला उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पार्टी ने बस्सी पठाना विधानसभा सीट से सतवंत सिंह को चुनाव मैदान में उतारने का ऐलान किया है। सतवंत सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए केहर सिंह के बेटे हैं।
उम्मीदवार के नाम की घोषणा अमृतपाल सिंह के पिता ने की। इसके साथ ही पार्टी ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। ‘वारिस पंजाब दे’ के इस फैसले के बाद पंजाब की सियासत में चर्चा तेज हो गई है।
सतवंत सिंह के पिता केहर सिंह को 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। केहर सिंह को बाद में फांसी दी गई थी। अब उनके बेटे सतवंत सिंह को बस्सी पठाना से चुनावी मैदान में उतारने का फैसला राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा ‘वारिस पंजाब दे’ का पहला उम्मीदवार
‘वारिस पंजाब दे’ को अमृतपाल सिंह से जुड़ा संगठन माना जाता है। अमृतपाल सिंह ने 2024 का लोकसभा चुनाव खडूर साहिब सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीता था। पार्टी की ओर से सतवंत सिंह को पहला विधानसभा उम्मीदवार घोषित किया जाना पंजाब की पंथक राजनीति में उसके बढ़ते फोकस के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
बस्सी पठाना सीट से उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों ने पंजाब में नई राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। अब देखना होगा कि ‘वारिस पंजाब दे’ आने वाले समय में किन अन्य सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारती है और इसका राज्य के चुनावी समीकरणों पर कितना असर पड़ता है।